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निजी अस्पताल से बेहतर है सरकारी अस्पताल, गर्भवती महिलाओं को मिल रहा है लाभ

वैसे तो जच्चा बच्चा के स्वास्थ्य को और बेहतर बनाने के लिए सरकार द्वारा प्रत्येक वर्ष पानी की तरह पैसे खर्च किए जाते है। अब इसी कड़ी में प्रदेश सरकार ने एक अन्य पहल करते हुए स्वास्थ्य केंद्रो में गर्भवती महिलाओं को डिलिवरी के लिए सभी सुविधाओ को निशुल्क कर दिया है।

जानकारी के लिए बता दें जहां अभी तक निजी अस्पतालों द्वारा सामान्य डिलीवरी करने कर भी 20 से 30 हजार रूपए वसूल किए जाते है वहीं अब सरकारी स्वास्थ्य केंद्रो में डिलिवरी करवाने पर हजारों रुपये खर्च करने की बजाय 2600 रुपये मिलते है।

हालांकि यह योजना बीपीएल और अनुसूचित जाति के परिवारों के लिए है। लेकिन सरकारी अस्पतालों में अन्य सभी सुविधाएं सभी जाति वर्ग की महिलाओं के लिए निशुल्क है।

इसके अलावा बात करें तो नवजान शिशु के टीकाकरण पर जहां निजी हस्पतालों में हजारों खर्च करने पड़ते थे वहीं अब सुविधा मुहैया करवाने के लिए सरकारी अस्पताल को भी खर्च नहीं लेगा।

सरकारी अस्पतालों में निशुल्क सुविधाओ में सरकारी स्वास्थ्य केंद्रो में महिलाओं की डिलिवरी के दौरान सभी तरह की जांच से लेकर महिलाओं को एंबुलेस से लाने और ले जाने की भी निशुल्क सुविधा दी जाती है। इसके अलावा महिलाओं को निशुल्क भोजन भी उपलब्ध करवाया जाता है।

किन बीपीएल परिवारों और अनुसूचित जाति की महिलाएं उठा सकेंगी इसका लाभ। वहीं 700 रुपये ग्रामीण एरिया की महिलाओं को सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में डिलिवरी करवाने पर मिलते है।

उपरोक्त राशि के साथ अनुसूचित जाति की महिलाओं को 1500 रुपए अलग से मिलते है। वहीं शहरी क्षेत्रों की महिलाओं को सरकारी स्वास्थ्य केंद्रो पर डिलिवरी के लिए 600 रुपये मिलते है।

अस्पताल की डिस्चार्ज स्लिप, जाति प्रमाण पत्र, बैंक खाता नंबर, बीपीएल श्रेणी का राशन कार्ड, आधार कार्ड, पहचान पत्र इत्यादि दस्तावेज के आधार पर ही जच्चा सरकार द्वारा चलाई मुहिम के तहत दी जाने वाली राशि का लाभ उठा सकती है।

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