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7 दिन में नहीं हुआ शहर साफ, तो इकोग्रीन पर गिर सकती है गाज- नगर निगम कमिश्नर यशपाल यादव।

शहर को कचरा मुक्त बनाने के लिए अब नगर निगम कमिश्नर के द्वारा हर मुमकिन कोशिश की जाएगी। चाहे उसके लिए उनको अधिकारियों से लेकर इकोग्रीन पर कोई भी सख्त से सख्त कार्रवाई करनी पड़े। यह बात उन्होंने सोमवार यानी 8 मार्च को सेक्टर-12 स्थित कन्वेंशन हॉल में नगर निगम के अधिकारियों व इको ग्रीन के ठेकेदारों के बैठक में कहीं।

नगर निगम कमिश्नर यशपाल यादव ने कहा उनको 30 जून तक अपना शहर कचरा मुक्त होना चाहिए। जिसके लिए उन्होंने वार्ड वाइज अधिकारियों को नोडल ऑफिसर बना दिया है। जोकि अपने वार्ड में किस तरीके से साफ सफाई करेंगे उसकी पूरी जानकारी व देखरेख उस नोडल ऑफिसर की होगी।

अगर उसके बावजूद भी उनके वार्ड में साफ सफाई नहीं होती है, तो उसके लिए वह उन पर किसी प्रकार की कोई भी कार्यवाही कर सकते हैं। इसके अलावा उन्होंने इकोग्रीन की कंपनी को भी आदेश दिए हैं कि आने वाले 7 दिनों के अंदर उनकी जो भी खामियां है उसको दूर करें।

नहीं तो उस पर कोई सख्त कार्रवाई हो सकती है। क्योंकि इकोग्रीन के द्वारा समय पर ड्राई वेस्ट व वेट वेस्ट घरों से नहीं उठाया जा रहा है। जिसकी वजह से शहर में जगह-जगह कचरे का ढेर लगा हुआ है। इसके अलावा इकोग्रीन की गाड़ियां समय पर सैक्टरों में नहीं जा रही है। जिसकी वजह से रहने वाले लोगों को पैसे देने के बावजूद भी कूड़ा फेंकने के लिए इधर-उधर जाना पड़ता है।

जिसके चलते शहर में जगह-जगह कचरे का ढेर लगा हुआ है। नगर निगम कमिश्नर यशपाल यादव ने कहा कि इकोग्रीन की जितनी भी गाड़ियां कम है उसको पूरा किया जाए। इसके अलावा जितने भी रेडी चाहिए वह रेडी की कमी है उसको भी वह जल्द से जल्द पूरा करें। ताकि वह शहर को कचरा मुक्त कर सके।

गाड़ी व रेडी वह उनकी मेंटेनेस का खर्चा नगर निगम के द्वारा नहीं दिया जाएगा। वह उनको लोगों के द्वारा जो पैसा दिया जाता है कचरा उठाने के लिए उसी से करना होगा। वही इस बारे में इको ग्रीन कंपनी के अधिकारी ने कहा कि नगर निगम कमिश्नर के द्वारा जो 7 दिन का समय दिया गया है।

उसमें वह गाड़ी व रेडी की जो संख्या कम है उसको पूरा नहीं कर पाएंगे। क्योंकि उनको उच्च अधिकारी से लिखित में परमिशन लेनी होती है और उसके बाद ही वे नई गाड़ी व रेडी को खरीद सकते हैं या पुरानी गाड़ी व रेडी को रिपेयर करवा सकते हैं।

इसके लिए उनका समय लगता है। रही बात कचरे की तो वह इस और पूरा ध्यान देंगे कि जिस भी एरिया में इकोग्रीन की गाड़ियां नहीं जा पा रही है या ड्राई और वेट वेस्ट को अलग नहीं कर रही है। उस पर वह विशेष ध्यान देंगे। वही इकोग्रीन के अधिकारियों का कहना है कि सेक्टर व कुछ एरिया में ऐसे भी लोग रहते हैं जो उनको कूड़ा उठाने के लिए पैसे नहीं देते हैं। जिसके चलते वह उनके घर से कूड़ा नहीं उठाते हैं।

इसको लेकर उनकी टीम के द्वारा कई बार उन लोगों को जागरूक किया गया है। लेकिन उसके बावजूद भी वह पैसे देने से इनकार करते हैं। इस बारे में नगर निगम कमिश्नर यशपाल यादव ने कहा कि अगर कोई ऐसा मकान है, तो वह उनको बताएं ताकि उस मकान पर जाकर नगर निगम के कर्मचारी चालान कर सके और उनसे कहें कि वह इकोग्रीन के द्वारा जो कचरा उठाया जाता है उस में अपना योगदान दें।

अगर उसके बावजूद भी वह काम नहीं करते हैं तो और सख्त कार्रवाई की जा सकती है। लेकिन उनको अपना शहर 30 जून से पहले साफ व कचरा मुक्त चाहिए। अगर ऐसा हो जाता है, तो आने वाली जुलाई में वह उन कर्मचारियों और अधिकारियों को सम्मानित करेंगे।

जिन्होंने इस शहर को कचरा मुक्त बनाने के लिए अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इसके लिए जिस भी अधिकारी जिस भी कर्मचारी, जिस भी ठेकेदार को कोई भी सुविधा या मदद चाहिए। वह सीधा उनसे आकर बता सकते हैं। ताकि वह उनकी मदद कर सके और अगर वह नहीं मिलते हैं।

तो वह अपने एरिया के नोडल अधिकारी जोकि नियुक्त किए गए हैं, उसको भी उस समस्या के बारे में अवगत करवा सकते हैं ताकि वार्ड को साफ करने में किसी प्रकार की कोई परेशानी ना हो। अगर वर्ड साफ रहेगा तो ही हमारा शहर पूरी तरह से साफ व कचरा मुक्त हो पाएगा।

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