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शहर के बड़े बाबू ले सकते हैं वार्ड को गोद, ताकि शहर का हो सके बेहतर विकास

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शहर के बड़े बाबू ले सकते हैं वार्ड को गोद, ताकि शहर का हो सके बेहतर विकास

शहर को स्वच्छ बनाने के लिए नगर निगम कमिश्नर के द्वारा हर मुमकिन कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि अगर कोई एजेंसी जैसे कि कोई स्कूल, हॉस्पिटल, कोई इंडस्ट्री और कॉलेज एक वार्ड को गोद लेना चाहती है। तो वह उसको ले सकती है।

उस वार्ड की पूरी देखरेख व साफ-सफाई सभी प्रकार की समस्या की जिम्मेदारी उस एजेंसी की होगी।

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उसके बाद वह वार्ड का नाम 1,2,3 से बदलकर एजेंसी के नाम पर रख दिया जाएगा।नगर निगम कमिश्नर यशपाल यादव ने बताया कि हमारे जिले में कई बड़े अस्पताल, कॉलेज, स्कूल, इंडस्ट्री मौजूद है। जो कि किसी ना किसी वार्ड में बनी हुई है। अगर वह अस्पताल, कॉलेज, स्कूल, इंडस्ट्री एक वार्ड को गोद लेना चाहती है।

तो उस वार्ड का नाम उस एजेंसी के नाम से जाना जाएगा। जैसे कि नगर निगम के द्वारा सेक्टर 21a स्थित एशियन हॉस्पिटल से बातचीत की जा रही है, कि अगर वह अपने वार्ड को गोद ले लेती है।

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तो उसकी पूरी साफ सफाई का जिम्मा उस एजेंसी यानी एशियन हॉस्पिटल का रहेगा। जिसके तहत हॉस्पिटल के द्वारा ही गाड़ी व मैन पावर की नियुक्ति की जाएगी और अगर उनको किसी प्रकार की पैसों की जरूरत पड़ती है। तो वह सीएसआर के तहत उनको मदद करेंगे।

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लेकिन उनको उस वार्ड की साफ-सफाई पूरी ईमानदारी और सच्चाई से करनी होगी। ऐसा करने पर उन्हें उनके  नाम से ही जाना जाएगा। जैसे कि अगर उन्होंने वार्ड नंबर 19 को गोद लिया है, तो उसको एशियन वार्ड के नाम से बना दिया जाएगा। इसके अलावा अगर कोई व्यक्ति उनको कूड़ा देने से मना करता है, तो उसको चालान करने की पावर भी उनको दे दी जाएगी।

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