Pehchan Faridabad
Know Your City

किसानों के आत्मघाती कदम थामने के लिए राकेश टिकैत बोले, दुष्यंत ने मजबूरी में थामा बीजेपी का हाथ

टिकरी बॉर्डर पर फांसी लगाकर आत्महत्या करने वाले सिसाय के किसान राजबीर के निवास पहुंचे भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष राकेश टिकैत ने परिवार का ढांढस बांधा। इतना ही नही उन्होंने गमगीन परिवार को हर संभव प्रयास का वायदा भी किया। इसके बाद किसान नेता हांसी पहुंच पत्रकारों से रूबरू हुए।

जहां टिकैत ने कहा कि भाजपा सरकार व्यापारियों की सरकार बन चुकी है। वह किसान से ज्यादा व्यापारी को अहमियत दे रही है। इस दौरान उन्होंने हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यत चौटाला पर भी निशाना साधते हुए कहा कि दुष्यंत चौटाला मजबूरी में बोल रहे हैं,

क्योंकि हर किसी की फाइल सरकार ने दबाने के लिए बना कर रखी हुई है, जो भी किसानों के पक्ष में बोलता है उस पर बलराज कुंडू की तरह कार्रवाई की जाती है। उसी डर से दुष्यंत भी इनकी भाषा बोल रहे हैं, जो अब इनकी अपनी मजबूरी है।

टिकैत ने कहा कि ये आंदोलन अगली सर्दी या फिर 2024 तक भी चल सकता है। हम किसी भी हाल में कानून रद्द होने तक घर वापसी नहीं करेंगे। सरकार को इस तरफ ध्यान देना चाहिए कि लोग अपना बलिदान दे रहे हैं. वह पीछे नहीं हटेंगे। जो लोग आज दिल्ली के चारों तरफ बॉर्डर पर बैठे हुए हैं वह आने वाले समय में इन नेताओं से जवाब लेंगे।

उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को अभी भी शर्म नहीं आ रही है जिस अन्नदाता के उगाए हुए अन्न से ही पूरे देश का पालन पोषण होता है। आज वही अन्नदाता अपनी जान लेने पर उतारू हो चुका है, मगर सरकार को तनिक भी शर्म नहीं आती।

टिकैत ने आगे कहते है कि हम किसानों से अपील करते हैं ऐसे कदम न उठाएं। यह लड़ाई बहुत लंबी लड़नी पड़ेगी. देश को आजादी के लिए 90 साल तक लड़ाई लड़नी पड़ी थी। आंदोलन को लड़ने के लिए त्याग करना पड़ता है जो एक राजनीतिक लोगों में नहीं होता।

देश की आजादी की लड़ाई की तरह यह आंदोलन भी देश की आम जनता को लड़ना है। किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा जिन राज्यों में चुनाव है, वहां पर किसान जाएंगे और भाजपा के विरुद्ध वोट डलवाने का काम करेंगे।

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More