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ISRO ने कर ली भारत की सुरक्षा की ये धमाकेदार तैयारी, अब सेना के जवानों की टेंशन खत्म

इसरो सभी भारतीय को गर्व महसूस करवाने में कोई कसर कभी नहीं छोड़ता है। इसरो देश का नाम आगे बढ़ाने का प्रयास कर वक़्त करता है। देशवासी काफी गर्वित महसूस करते हैं इसरो पर। देश की सीमाओं पर आसमान से भी सटीक नजर रखने में जल्द ही सक्षम हो जाएगा। यही नहीं, वह प्राकृतिक आपदाओं की त्वरित निगरानी करने में भी योग्यता हासिल कर लेगा।

1962 में इसरो का गठन हुआ था। सुरक्षा के लिहाज़ से अब इसरो देश के और भी काम आएगा। आपको बता दें, यह होगा 28 मार्च को प्रक्षेपित किए जाने वाले अर्थ ऑब्जर्वेशन सेटेलाइट यानी पृथ्वी का अवलोकन करने वाले उपग्रह से।

इसरो यानि भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन। भारत 28 मार्च को पृथ्वी अवलोकन उपग्रह का प्रक्षेपण करेगा, जिससे उसे अपनी सीमाओं की वास्तविक समय की तस्वीरें मिलेगी। जीसैट-1 नामक इस उपग्रह को आंध्र प्रदेश के नेल्लोर जिले में स्थित श्रीहरिकोटा अंतरिक्ष केंद्र से जीएसएलवी-एफ 10 रॉकेट से प्रक्षेपित किया जाएगा।

दुश्मनों की एक एक हरकत की खबर भारतीय सेना बेहद करीब से मॉनीटर कर सकेगी। इस उपग्रह का प्रक्षेपण तो पिछले साल पांच मार्च में ही होने वाला था लेकिन इसे तकनीकी कारणों के चलते स्थगित कर दिया गया। अंतरिक्ष विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि जीएसएलवी-एफ 10 के जरिये जीसैट-1 का प्रक्षेपण भारत के लिए कई मायनों में बेहद महत्वपूर्ण साबित होने जा रहा है।

इस कदम से सभी भारतवासी गर्वित महसूस कर रहे हैं। सुरक्षा के लिहाज़ से देश काफी अच्छा कर रहा है। इसरो लगातार अपने प्रयासों से देश का नाम दुनिया में रोशन करने की कोशिश कर रहा है।

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