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12वीं तक मुफ्त शिक्षा से लेकर नए मेडिकल कॉलेज तक, इतनी शिक्षा योजनाओं को बजट में दिखाई हरी झंडी

हरियाणा के मुख्‍यमंत्री मनोहर लाल ने शुक्रवार को बतौर वित्त मंत्री भाजपा-जजपा गठबंधन सरकार का दूसरा बजट पेश किया। बजट टैब के जरिए ऑनलाइन पेश किया गया।

मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने 12 बजकर 4 मिनट पर गणपति वंदना ‘वक्रतुंड महाकाय, सूर्यकोटि समप्रभ:, निर्विघ्नम कुरुमे देव सर्व कार्येसु सर्वदा’ से बजट भाषण शुरू किया था। बजट भाषण 2 बजकर 38 मिनट पर खत्म हुआ यानी बजट भाषण 2 घंटे 34 मिनट का रहा।

मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि वे अपनी सरकार के वर्तमान कार्यकाल के इस दूसरे बजट को आजादी की 75वीं वर्षगांठ और प्रदेश की जनता को समर्पित करते हैं।

बजट में शिक्षा के विकास लिए 18410 करोड़ रूपए का बजट दिया गया है।

9वीं से 12वीं तक के सभी बच्चों को मुफ्त शिक्षा मिलेगी।

यमुना नगर, कैथल और सिरसा में मेडिकल कॉलेज बनाए जायेंगे।

12वीं तक मुफ्त शिक्षा से लेकर नए मेडिकल कॉलेज तक, इतनी शिक्षा योजनाओं को बजट में दिखाई हरी झंडी
12वीं तक मुफ्त शिक्षा से लेकर नए मेडिकल कॉलेज तक, इतनी शिक्षा योजनाओं को बजट में दिखाई हरी झंडी

महाराजा अग्रसेन मेडिकल कॉलेज अग्रोहा में कैंसर विज्ञान केंद्र स्थापित किया जाएगा।

21962 आंगनबाड़ियों में प्राथमिक शिक्षा दी जाएगी।

अनुबंध आधार पर 100 आयुष सहायकों व 22 आयुष कोच की भर्ती होगी।

1135 प्ले स्कूल मार्च 2021से शुरू होंगे।

2865 आंगनवाड़ी केंद्रों को प्ले स्कूल में अपग्रेड किया जाएगा।

उच्च वित्तीय सहायता के लिए 114 करोड़ रुपए का जेंडर एनक्लूजन फंड बनेगा।

हिसार, करनाल में भी सुपर 100 कार्यक्रम के दो केंद्र बनेंगे।

10 करोड़ रूपए आवंटित होंगे। सरकारी स्कूलों में 700 करोड़ से डिजिटल क्लासरूम बनाने के साथ टैबलेट का प्रावधान होगा।

पहली से तीसरी तक के 8400 स्कूलों के 6 लाख विद्यार्थियों को प्रारंभिक भाषा व गणितीय कौशल प्रदान किया जाएगा।

विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय में 9वीं से आगे के विद्यार्थियों को दाखिला के लिए फीडर स्कूल बनेगा।

12वीं तक मुफ्त शिक्षा से लेकर नए मेडिकल कॉलेज तक, इतनी शिक्षा योजनाओं को बजट में दिखाई हरी झंडी
12वीं तक मुफ्त शिक्षा से लेकर नए मेडिकल कॉलेज तक, इतनी शिक्षा योजनाओं को बजट में दिखाई हरी झंडी

विश्वकर्मा कौशल रथ नाम से मोबाइल आईटी लैब विकसित की जाएगी। इसी विश्वविद्यालय में पीएचडी के लिए अनुसंधान डिग्री कार्यक्रम शुरू होगा।

एमडीयू, केयू में केजी से पीजी प्रणाली शुरू होगी जिसके लिए 20 करोड़ रूपए दिए गए।

पॉलिटेक्निक मानेसर में इंजीनियरिंग प्रौद्योगिक संस्थान बनेंगे।

स्कूलों, कॉलेजों तकनीकी विश्वविद्यालयों व संस्थानों में 125 मृदा प्रयोगशालाएं स्थापित होगी।

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