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विधानसभा में सरकार ने प्रदूषण फैलाने वाले ठोस अपशिष्ट हटाने का दिया आश्वासन

औद्योगिक नगरी फरीदाबाद में बढ़ते प्रदूषण से निजात दिलाने के लिए राज्य सरकार कारगर कदम उठाएगी। इस बाबत सरकार ने विधायक नीरज शर्मा के एक सवाल पर जवाब देते हुए विधानसभा में आश्वस्त किया कि एनआइटी क्षेत्र में प्रदूषण खत्म करने के कार्य की निगरानी एक वरिष्ठ अधिकारी करेंगे। यह अधिकारी तीन माह में एक बार मौका मुआयना रिपोर्ट भी तैयार करेंगे।

नीरज शर्मा ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा एनआइटी क्षेत्र के 60 फुट एयरफोर्स रोड की प्रदूषण के मामले हाटस्पाट के रूप में पहचान करने के बाद विधानसभा में सरकार से पूछा कि इस क्षेत्र में प्रदूषण दूर करने के लिए सरकार ने क्या कदम उठाए हैं।

विधानसभा में सरकार ने प्रदूषण फैलाने वाले ठोस अपशिष्ट हटाने का दिया आश्वासन
विधानसभा में सरकार ने प्रदूषण फैलाने वाले ठोस अपशिष्ट हटाने का दिया आश्वासन

वन मंत्री कंवरपाल गुर्जर ने इस बाबत मुख्यमंत्री मनोहर लाल की तरफ से विधानसभा में बताया कि सरकार नगर निगम क्षेत्र में विभिन्न जगहों से ठोस अपशिष्ट को हटवा चुकी है। नगर निगम के सफाई कर्मी नियमित रूप से सफाई कर रहे हैं।

विधायक ने सरकार के जवाब पर अपनी असहमति जताते हुए कहा कि वे पूरे फरीदाबाद की नहीं बल्कि प्रदूषण के लिए हाटस्पाट बने एयरफोर्स रोड की बात कर रहे हैं। इस जगह से प्रदूषण खत्म करने के लिए विधायक नीरज शर्मा ने निम्न सुझाव दिए, जिनसे सरकार ने सहमति जताई।

विधानसभा में सरकार ने प्रदूषण फैलाने वाले ठोस अपशिष्ट हटाने का दिया आश्वासन
विधानसभा में सरकार ने प्रदूषण फैलाने वाले ठोस अपशिष्ट हटाने का दिया आश्वासन

-60 फुट रोड डिस्पोजल की क्षमता बढ़ाई जाए और यह सुनिश्चित किया जाए क डिस्पोजल खराब हो तो उसको प्राथमिकता के आधार पर ठीक किया जाए।

-प्याली शमशान घाट में बिजली आधारित संस्कार करने की मशीनरी को शुरू किया जाए। यह मशीनरी शुरू होने पर प्रदूषण कम होगा।

-डबुआ सब्जी मंडी के साथ पुनर्वास विभाग की जमीन पड़ी है। इस पर कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। इस जगह को या तो पार्क के रूप में विकसित किया जाए या फिर यहां पेड़ लगाए जाएं

नवादा भांकरी रोड पर एल्यूमिनियम गलाने वाली फैक्ट्रियों, गैस चूल्हे बनाने वाली फैक्ट्रियों और प्लास्टिक का सामान बनाने वाली फैक्ट्रियों से प्रदूषण नियंत्रक उपकरण लगवाए जाएं। इसके अलावा इन फैक्ट्रियों को दूसरी जगह स्थानांतरित करने पर भी विचार किया जा सकता है।

-एनआइटी क्षेत्र में प्रतिबंधित 100 मीटर क्षेत्र में सीवरेज की पूरी तरह सफाई करवाई जाए। ताकि कच्ची गलियों में गंदा पानी खड़ा न हो।प्रदूषण की समस्या से निजात दिलाने के लिए उच्च स्तर का अधिकारी प्रति तीन माह में इस क्षेत्र का मौका मुआयना करे।


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