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इस बार भी हार जाएंगे स्वच्छ सर्वेक्षण प्रतियोगिता, पब्लिक नहीं दे रही फीडबैक

स्वच्छता सर्वेक्षण 2021 में अगर फरीदाबाद को भाग लेना है, तो उसके लिए लोगों को ज्यादा से ज्यादा फीडबैक देना होगा। लेकिन जिले के लोग स्वच्छ सर्वेक्षण में भाग नहीं ले रहे हैं। जिसकी वजह से आने वाले समय में फरीदाबाद के रैंकिंग पर असर देखा जा सकता है।

मिनिस्ट्री आफ हाउसिंग एंड अर्बन अफेयर्स अपनी तरफ से हर साल स्वच्छ सर्वेक्षण किया जाता है।

जिसमें देश भर के सभी जिले भाग लेते हैं। हर साल यह स्वच्छ सर्वेक्षण 4 जनवरी को होता है, लेकिन इस बार यह सर्वेक्षण 1 मार्च से शुरू किया गया है। 31 मार्च को खत्म हो जाएगा।

नियमों के अनुसार सभी जिलों को 6000 अंकों से मापा जाएगा। इन 6000 अंकों को तीन भागों में बांटा गया है। जिसमें से सिटीजन फीडबैक के 1800, सर्टिफिकेशन के 1800 और कूड़ा कलेक्शन व निस्तारण को लेकर 2400 अंक निर्धारित किए गए हैं।

इनमें सबसे ज्यादा अहम रोल पब्लिक फीडबैक का रहता है। स्वच्छ सर्वेक्षण की एंट्री को बंद होने में अब कुछ ही दिन बाकी है। लेकिन उसके बावजूद भी लोग स्वच्छ सर्वेक्षण में भाग नहीं ले रहे हैं। अभी तक ऐप के जरिए 544 व ऑनलाइन 4245 लोगों ने ही फीडबैक दिया है।

इस तरह दे फीडबैक

अगर जिले के लोगों को स्वच्छ सर्वेक्षण 2021 में भाग लेना है तो उसके लिए उनको https://swachhsurvekshan2020.org की वेबसाइट पर जाकर फीडबैक दे सकते हैं। इसके अलावा प्ले स्टोर पर जाकर ss2021 आपको अपने फोन में इंस्टॉल कर सकते हैं। उसके बाद प्रदूषण करने के बाद फीडबैक दे सकते हैं।

इस बार केंद्र सरकार के द्वारा 8 सवाल पूछे जा रहे हैं। इसके जवाब देने के बाद ही उनका फीडबैक सरकार के पास सबमिट होगा। अगर पिछले साल की बात की जाए तो करीब 5000 लोगों ने ही अपना फीडबैक दिया था। जिसके चलते फरीदाबाद को दसवां स्थान मिला।

नगर निगम आयुक्त यशपाल यादव ने बताया कि अगर लोगों के द्वारा स्वच्छ सर्वेक्षण में फीडबैक नहीं दिया जा रहा है। तो उसके लिए वह नगर निगम का अधिकारियों को कहेंगे कि वह लोगों को जाकर जागरूक करें और 31 मार्च तक ज्यादा से ज्यादा संख्या में फीडबैक करवाएं।

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