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श्री गुरु अर्जुन देव जी के शहीदी दिवस पर किया मीठे पानी का वितरण।

गुरु जी के शहीदी दिवस पर जगह-जगह ठंडे-मीठे पानी का शरबत लोगों को पिलाया जाता है। यह इस बात का प्रतीक है कि कोई भी व्यक्ति किसी अन्य व्यक्ति को कभी भी प्यासा न रखे। उसे यातनाएं न दे। इसी संदेश के प्रेरणास्वरूप आज श्री गुरु अर्जुन देव जी के शहीदी दिवस पर 3सी ब्लॉक साथियों द्वारा ठंडे मीठे पानी की छबील लगाई गई।सैनेटाईजेशन और सोशल डिस्टेनिसिंग के पालन हेतू मीठे पानी की बोतलें पहले ही में भर कर रख ली और फिर सुरक्षित दूरी से हाथों को सैनेटाईज कर मास्क पहनकर ही बांटा गया। अन्य कई साथियों के अतिरिक्त श्री हरजीत सिंह, श्री कुलदीप सिंह, सोनू, श्री मोहन सिंह ढींगरा और संजीव भल्ला ने सेवा में विशेष योगदान दिया।

इस अवसर पर आरडब्ल्यूए प्रधान श्री महाबीर भडाना और महासचिव श्री वसु मित्र सत्यार्थी ने समस्त कार्यकारिणी की तरफ से सब ब्लाक वासियों को शुभकामनाएं दी और कहा कि हमें श्री अर्जुन देव के त्यागमय जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए। अपना पूरा जीवन धर्म और लोगों की सेवा के लिए न्योछावर करने वाले सिखों के पांचवें गुरु अर्जुन देव जी का आज बलिदान दिवस है। वो न केवल सभी धर्मों को एक समान दृष्टि से देखते थे बल्कि दिन रात संगत और सेवा में लगे रहते थे। 

गुरु अर्जुन देव ने सिखों को अपनी कमाई का दसवां हिस्सा धार्मिक और सामाजिक कार्यों में लगाने के लिए प्रेरित किया। बाद में इसे धर्म का अंग बना दिया गया। ऐसे मानवीय कार्य में सभी लोग बढ़-चढ़कर हिस्सा भी लेने लगे थे।

सिखों के पांचवें गुरु श्री अर्जुन देव जी को शहीदों का सरताज कहा जाता है। वह सिख धर्म के पहले शहीद थे। आध्यात्मिक जगत में गुरुजी को सर्वोच्च स्थान प्राप्त है। उन्हें ब्रह्मज्ञानी कहा जाता है। ग्रंथ साहिब का संपादन गुरु अर्जुन देव जी ने भाई गुरदास की सहायता से किया। 

श्री गुरु अर्जुन देव जी ने मानवता को शांति का संदेश दिया। सुखमनी साहिब उनकी अमर-वाणी है। गुरु जी ने संदेश दिया कि महान जीवन मूल्यों के लिए आत्म बलिदान देने को सदैव तैयार रहना चाहिए। 

ऐसे महान गुरु को हम सब की तरफ से शत शत नमन और प्रार्थना करतें हैं श्री गुरु जी की कृपा सब पर बनी रहे। कोरोना के प्रकोप से सब मानव जाति का बचाव हो, सब स्वस्थ रहें सुरक्षित रहें।

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