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बच्चों का भविष्य और ज्ञान कुतर गए चूहे, सही जगह नही पहुँचा सामान

चूहे यह वह छोटे-छोटे जीव जिनका नाम सुनते ही आपके ज़हन में एक तस्वीर आती है इस तस्वीर में आपको नजर आता है कि आपके घर के अंदर चूहों ने रखे हुए सामान को कुतर दिया है एक ऐसा ही मामला फरीदाबाद एक शिक्षा विभाग में भी देखने को मिला है ।

महामारी के कारण पढ़ने वाले बच्चों के साथ-साथ स्कूलों पर भी असर पड़ा है काफी अरसे से बंद पड़े स्कूल की लाइब्रेरी के लिए मंगवाई गई किताबों के बंडल, कुर्सी ,मेज काफी समय से शिक्षा विभाग कार्यालय के कमरे में बंद थे इस दौरान किताबों सहित अन्य सामान को चूहों ने कुतर दिया है।

वर्तमान शिक्षा अधिकारी रितु चौधरी ने जब इन कमरों को खुलवाया तो पता चला कि जिन पाठ्यक्रम सामग्रियों पर लाखों रुपए का खर्च सरकार द्वारा किया जाता है।

वह छोटी सी लापरवाही के चलते नष्ट हो गए हैं यानी कि इतने दिनों से बंद पड़े उस कमरे में चूहों ने अपना डेरा डाल लिया और वहां पर रखी हुई सभी सामग्री को काट दिया।

लाखों रुपए खर्च करके जो सामान मंगाया गया था उसका इस्तेमाल नहीं किया गया और ना ही उसको सही जगह पर पहुंचाया गया आपको बता दें कि दो कमरों में मेज कुर्सी और किताबों के बंडल रखे हैं जो करीब 10 साल से खुले नहीं है किसी भी अधिकारी ने इन कमरों को खोलने की कोशिश नहीं की ना ही यह जानने की कोशिश की इतने समय से बंद पड़े कमरों में क्या रखा है।

जब एक दैनिक समाचार पत्र द्वारा इस बात पर नजर डाली गई तो तब जाकर अफसरों ने इस ओर ध्यान दिया और एक कमरे को खोला उसमें जमी धूल यह साफ दर्शा रही है कि किस तरीके से यह विभाग अपने काम के प्रति लापरवाह है

क्योंकि उसमें कुर्सी मेज किताबें सबको चूहों ने अपना भोजन बना लिया था यह सारा सामान स्कूलों के लिए आया था तथा उन बच्चों के लिए आया था जो उन स्कूलों में शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।

शिक्षा अधिकारी ऋतु चौधरी का इस बात पर कहना है कि आश्चर्यजनक है कि जो सामान स्कूल में होना चाहिए वह यहां पर चूहों का निवाला बन रहा है अभी भी एक कमरे को और खोलना है अन्यथा जो सामान इसमें सही है उनको उसके सही स्थान पर पहुंचाया जाएगा और किताबें लाइब्रेरी में रखी जाएंगी

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