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बाईपास पर अतिक्रमण: विकास के भेंट चढ़ेंगे गरीबों के आशियाने

दिल्ली-मुंबई-बडोदरा एक्सप्रेस के निर्माण कार्यों में बाधक बन रहे अवैध निर्माणों पर जल्द ही तोड़- फोड़ की कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।


दरअसल, बाईपास पर अवैध निर्माण दिल्ली-मुंबई-बडोदरा एक्सप्रेस वे में बाधक बन रही है। पहले भी यहां पर अवैध निर्माण ढहाने को लेकर कवायद हो चुकी है परंतु अब विधानसभा में एनआईटी विधायक नीरज शर्मा ने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया है और अब बाईपास के अवैध निर्माण ढहाया जाएगा। एचएसवीपी ने रोड पर निशानदेही पूरी कर ली है।

सेक्टर 8 से लेकर सेक्टर 13 तक के डेढ़ किलोमीटर हिस्से में लगभग 143 निर्माणों को चिन्हित किया गया है, जिन्हें तोड़ा जाना है। इन अवैध निर्माणों को तोड़ने की कार्रवाई अगले सप्ताह से शुरू होगी। इसके लिए हरियाणा शहरी प्राधिकरण ने तैयारी शुरू कर दी है। अगले 10 दिन के लिए प्राधिकरण के सभी अधिकारियों को छुट्टी न लेने के निर्देश दे दिए गए हैं। तीनों एक्सईएन, एसडीओ व जेई को तोड़फाेड़ की देखरेख में लगाया जाएगा।

गौरतलब है कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को 26.2 किलोमीटर लंबे बाईपास को कब्जा मुक्त करके 70 मीटर चौड़ी जमीन उपलब्ध कराना है। इस क्रम में इस जमीन पर अवैध कब्जे हटाने की प्रक्रिया शुरू है। ये कब्जे सेक्टर-13-14 और सेक्टर-8-9 विभाज्य मार्ग पर हैं। कब्जे हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण और नहर विभाग की जमीन है। अवैध कब्जा हटाने की कार्रवाई के लिए हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण को नोडल एजेंसी बनाया गया है।

एचएसवीपी प्रशासक प्रदीप दहिया ने बताया कि 26 किलोमीटर बाईपास पर केवल डेढ़ किलोमीटर में अवैध निर्माण हैं, बाकी कहीं अड़चन नहीं है। इन निर्माणों की वजह से ही एक्सप्रेस-वे का काम शुरू नहीं हो पा रहा है। एक्सप्रेस के साथ-साथ सीवर-पेयजल लाइन, बिजली की लाइन भी आएंगी। इसलिए जमीन कब्जामुक्त कराना जरूरी है। एक मार्च के बाद कभी भी तोड़फोड़ शुरू की जा सकती है। इस बारे में उच्च अधिकारियों से मंजूरी मिल चुकी है।

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