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200 करोड़ का घोटाला: नप गए नगर निगम के कर्मचारी, अन्य अधिकारियों पर भी गिर सकती है गाज

बिना काम किए 200 करोड रुपए के भुगतान के मामले में निगमायुक्त यशपाल यादव ने बड़ी कार्यवाही की है। बिग मैजिक में 4 कर्मचारियों की सेवाएं तुरंत प्रभाव से एजेंसी को वापस कर दी हैं।

दरअसल, 200 करोड रुपए के घोटाले का मामला नगर निगम सदन के साथ-साथ विधानसभा क्षेत्र में भी चर्चाओं में रहा। कयास लगाए जा रहे थे कि इस मामले में कई अधिकारियों के कर्मचारियों पर गाज गिर सकती है वही बीते दिन निगमायुक्त यशपाल यादव ने मामले पर संज्ञान लेते हुए निगम के आउटसोर्सिंग के 4 कर्मचारियों को तुरंत प्रभाव से एजेंसी को वापस कर दिया।

इन कर्मचारियों में राजन तेवतिया, पंकज कुमार, तस्लीम व प्रदीप कुमार शामिल है। निगमायुक्त के द्वारा पत्र के अनुसार कनिष्ठ अभियंता राजन तेवतिया पर 113 कार्यों की फर्जी बाउचर तैयार करने में ठेकेदार सतवीर से मिलीभगत करने का आरोप लगा है वही 113 कार्यों के बिना कार्य कराए उनका भुगतान करने पर नगर निगम को वित्तीय हानि पहुंचाने का आरोप लगा है। वही सरकारी धन का गलत इस्तेमाल करने का आरोप भी लगा है।

आपको बता दे कि बीते वर्ष वार्ड 36 के पार्षद दीपक यादव, वार्ड 37 के पार्षद दीपक चौधरी, वार्ड 9 के पार्षद महेंद्र सिंह व वार्ड 6 के पार्षद सुरेंद्र अग्रवाल ने निगम में शिकायत दी थी। उन्होंने शिकायत में कहा था कि बहुत सारे वार्डों में करोड़ों रुपए का बिना काम के भुगतान किया गया है। इस मामले में क्षेत्रीय एवं कराधान अधिकारी की एक कमेटी की एक कमेटी का गठन भी किया गया जिसमें उप मेयर मनमोहन गर्ग व‌ वार्ड 26 के पार्षद अजय बैसला को शामिल किया गया।

गौरतलब है कि एनआईटी विधायक नीरज शर्मा ने भी यह मुद्दा विधानसभा सत्र में उठाया। वहीं इस मामले में कार्यवाही करते हुए निगमायुक्त जिला उपायुक्त यशपाल यादव ने तुरंत प्रभाव से घोटाले में संलिप्त कर्मचारियों को एजेंसी को वापस कर दिया है।

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