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अजान के लिए तय किया गया समय, अगर नहीं माना आदेश, तो होगी ये सख्त कार्रवाई

देश में लगातार शांतिदूतों द्वारा हो – हल्ला कुछ अधिक ही मात्रा में किया जा रहा है। इसको लेकर वो बोलते हैं कि यह इनका अधिकार है। लेकिन कानून यह कहता है कि अजान पढ़िए, लेकिन लाऊड स्पीकर में अजान पढ़ने को और जानबुचकर सुनाने को कानून स्वीकृति नहीं देता है। अब प्रयागराज आईजी ने रात 10 से सुबह 6 बजे तक लाउड स्पीकर बजाने पर पूरी तरह रोक का निर्देश दिया है।

शांतिदूतों द्वारा किसी भी समय अजान को लाउडस्पीकर में बजा दिया जाता है। जिस से दूसरों को परेशानी होती है। अब प्रयागराज के मामले में रेंज के सभी डीएम और एसएसपी को पत्र भेजा है। पत्र के जरिए पॉल्यूशन एक्ट, हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का सख्ती से पालन कराने को कहा गया है।

निर्दोष लोगों को उनके घर से भगा देने वाले शांतिदूत कानून की आड़ में अजान पढ़ने को कहते हैं। किसी ने इन्हें रोका भी नहीं है। लेकिन किसी के अधिकारों को परेशानी पहुंचे कानून इसकी इज़ाज़त नहीं देता। ज़ोरों की आवाज़ में आधी रात को अजान बजा दी जाती है। मस्जिद के आस – पास रहने वाले लोगों को खासी परेशानी होती है। उनकी नींद ख़राब होती है।

कोई भी धर्म किसी को परेशान करने का ज्ञान नहीं देता। कुछ शांतिदूतों के धर्म हैं शायद जो इसका ज्ञान देते हैं। हाई कोर्ट ने भी कहा है कि लाउडस्पीकर से अजान देना इस्लाम का धार्मिक भाग नहीं है। यह जरूर है कि अजान देना इस्लाम का धार्मिक भाग है। ध्वनि प्रदूषण मुक्त नींद का अधिकार व्यक्ति के जीवन के मूल अधिकारों का हिस्सा है।

कोई भी व्यक्ति हो सभी को चैन की नींद सोने का हक है। उसको अधिकार है कि वह अपनी नींद ले सके। प्रयागराज आईजी के अनुसार पॉल्यूशन एक्ट में भी रात 10 से सुबह 6 बजे तक लाउड स्पीकर बजाने की मनाही है। इलाहाबाद यूनिवर्सिटी की कुलपति संगीता श्रीवास्तव ने तीन मार्च को डीएम को पत्र लिखा था। पत्र में क्लाइव रोड की मस्जिद में अजान से नींद में खलल पड़ने की बात कही गई थी।

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