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पत्थर दिल हुआ नरम,चालान काटने के बजाए मास्क बांटकर लोगों को किया जागरुक

पुलिस का हमेशा एक सकत रूप देखा है। जिसमें वह लोगों के चालान काटते हुए नजर आती है। लेकिन सोमवार को पुलिस ने ना तो लोगों के चालान काटे हैं और ना ही लोगों के साथ कोई गलत व्यवहार किया है।

क्योंकि आज उन्होंने लोगों को जागरूक करने के लिए उन्हें मास्क वितरित किए और कहा है कि मास्क पहनना जरूरी है। तो मास्क पहनकर ही घर से बाहर निकला करें।

पत्थर दिल हुआ नरम,चालान काटने के बजाए मास्क बांटकर लोगों को किया जागरुक
पत्थर दिल हुआ नरम,चालान काटने के बजाए मास्क बांटकर लोगों को किया जागरुक

एनआईटी तीन नंबर चौकी के इंचार्ज सब इंस्पेक्टर सोहन पाल, एएसआई संजय कुमार, सिपाही हितेश और सिपाही तरुण के द्वारा डीएवी कॉलेज के सामने लोगों को जागरूक कर, उन्हें मास्क वितरित किए हैं।

22 मार्च यानी सोमवार आज ही के दिन 1 साल पहले लॉकडाउन लगाया गया था। वह भी एक ऐसी बीमारी के लिए जिसका उपाय सिर्फ मास्क और 2 गज की दूरी है। लेकिन उसके बावजूद भी लोग जागरुक नहीं है और वह बिना मास्क से घर से बाहर निकल जाते हैं और अपने कार्य करते हैं।

पत्थर दिल हुआ नरम,चालान काटने के बजाए मास्क बांटकर लोगों को किया जागरुक
पत्थर दिल हुआ नरम,चालान काटने के बजाए मास्क बांटकर लोगों को किया जागरुक

जिससे उनको तो खतरा होता ही है साथ ही जिस जगह पर रह जा रहे हैं उन लोगों को भी खतरा होता है कि कहीं उनको महामारी अपनी चपेट में ना ले। सब इंस्पेक्टर सोहनपाल ने बताया कि उनको आदेश मिले हैं कि सड़कों पर जो भी बिना मास्क के लोग निकलते हैं। उनके चालान वह काट सकते हैं। लेकिन आज उन्होंने चालान काटने की बजाय लोगों को जागरूक करना ज्यादा जरूरी समझा।

क्योंकि चालान तो वह हर रोज ही काटते हैं, लेकिन आज ही के दिन 1 साल पहले महामारी के चलते लॉकडाउन लगाया गया था। उस दौरान भी उनके द्वारा लोगों को जागरूक किया गया था, कि मास्क लगाएं और घर के अंदर ही रहे। बहुत जरूरी काम हो तो ही मैं घर से बाहर निकले।

पत्थर दिल हुआ नरम,चालान काटने के बजाए मास्क बांटकर लोगों को किया जागरुक
पत्थर दिल हुआ नरम,चालान काटने के बजाए मास्क बांटकर लोगों को किया जागरुक

लेकिन आज लोगों का घर से बाहर निकलना तो शुरू हो गया है, लेकिन महामारी अभी जिले में मौजूद है। आए दिन 30 से 40 मरीज कोविद के पॉजिटिव मरीज़ पाए जा रहे हैं। उसके बावजूद भी लोग सतर्क नहीं हो रहे हैं और मार्क्स नहीं लगा रहे हैं।

इसीलिए उनकी टीम के द्वारा आज डीएवी कॉलेज के सामने आने जाने वाले लोगों को रोककर समझाया जा रहा है कि मार्क्स कितना जरूरी है और जिनके पास मार्क्स नहीं है उनको मास्क दिया जा रहा है।

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