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निजीकरण से नाराज हुए एलआईसी एजेंट कहां छीना जा रहा है कमाई का साधन

ऑनलाइन मार्केटिंग और कमीशन को बढ़ाने की मांग को लेकर आज देशभर के सभी जिलों में जिले के सभी इंश्योरेंस एजेंट या फिर यूं कहें एलआईसी इंश्योरेंस कंपनी के एजेंट द्वारा हड़ताल की गई। इंश्योरेंस कंपनी के एजेंट का कहना है कि जब से ऑनलाइन मार्केटिंग आई है। तब से उनके काम में काफी कमी हो गई है।

इसके अलावा उनका यह भी कहना है कि जो डायरेक्ट मार्केटिंग को भी रोका जाना चाहिए। क्योंकि इन सभी चीजों की वजह से उनके काम में काफी कमी आई है और आने वाले समय में अगर सरकार के द्वारा उनकी और ध्यान नहीं दिया गया तो उनकी जो कंपनियां है उनको तो नुकसान होगा ही। साथ ही उनकी नौकरियों पर भी बात आ जाएगी।

मंगलवार को लाइफ इंश्योरेंस एजेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया के प्रधान रामनरेश तिवारी ने बताया कि जिले में 6 सेंटर बने हुए हैं। जहां पर करीब 5000 एजेंट कार्य कर रहे हैं। उनके द्वारा 23 मार्च यानी मंगलवार को इंटरेस्ट दे एजेंट रेस्ट डे मनाया गया यानी इस दिन कोई भी एजेंट कार्य नहीं करेगा।

क्योंकि उनके द्वारा हड़ताल की गई है उनका कहना है कि आज के दिन कोई भी नई पॉलिसी उनके द्वारा नहीं बनाई गई है और अगर यदि किसी की पॉलिसी की लास्ट डेट 23 मार्च है तो उसको 1 दिन का समय दिया गया है या नहीं वह 24 मार्च को आकर अपनी पॉलिसी का प्रीमियम जमा कर सकता है।

उन्होंने बताया कि उनकी मांग है कि सरकार के द्वारा प्राइवेटाइजेशन किया जा रहा है जो कि बिल्कुल गलत है। इसके अलावा उनका कहना है कि ऑनलाइन सेल जो भी होती है। उसको बंद किया जाए। साथ ही डायरेक्ट मार्केटिंग को भी पूरी तरह से बंद कर दें। क्योंकि इन सभी चीजों की वजह से एजेंट पर असर पड़ रहा है।

साथ ही उनके काम में भी काफी कमी आई है। रामनरेश ने बताया कि एजेंट की जो ग्रेच्युटी अमाउंट है उसको भी बढ़ाना चाहिए। साथ ही ग्रुप इंश्योरेंस जो कि एजेंट के लिए होता है उसको भी बढ़ाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि सरकार के द्वारा अगर उनकी मांगों को नहीं माना गया तो आने वाले समय में वह अनिश्चितकालीन की हड़ताल पर जाएंगे। जिससे सरकार को तो नुकसान होगा ही साथ ही लोगों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ेगा।जिले के आज करीब 5000 एजेंट हड़ताल में शामिल हुए और यह हड़ताल देशभर में हुई है।

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