सरकारी कर्मचारी भ्रष्टाचार का पर्याय बन चुके हैं। ऐसा कहना इसलिए ठीक है क्योंकि किसी न किसी समय आपसे भी सरकारी कर्मचारी ने रिश्वत मांगी होगी। लालच के चक्कर में यह देश का नाम और काम दोनों खराब करते हैं। ऐसा ही मामला आया है राजस्थान से। दरअसल, एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम जब पिंडवाड़ा के तहसीलदार के घर पर छापेमारी के लिए पहुंची तो वह अंदर 20 लाख रुपये की रकम को चूल्हे में जलाने लगा।
ऐसे कर्मचारियों के कारण की आम जनता का कभी – कभी लोकतंत्र से भरोसा उठ जाता है। नोटों को आग के हवाले करने का यह नजारा एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने देखा और इसका वीडियो भी बना लिया गया।
आम जनता से यह लोग पैसों की डिमांड ऐसे करते हैं, जैसे भाई लोग बिजनेसमैन से। इस घटना का सनसनीखेज वीडियो सामने आया है, जिसमें तहसीलदार की पत्नी भी नोटों को जलाने में सहयोग करती दिख रही हैं। वहीं घर के बाहर से झांक रहा एक शख्स कहता है कि मैडम आप भी इस तरह से साथ दे रही हैं, यह अच्छी बात नहीं है।
जिसका पति देश को घाव दे रहा होगा, उसकी पत्नी से कैसी अपेक्षा रखी जा सकरी है। पति का साथ देने लगी तहसीलदार की पत्नी। आपको बता दें, भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की एक टीम ने पिंडवाडा के राजस्व निरीक्षक को एक लाख रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था। अधिकारी ने बताया कि आरोपी द्वारा रिश्वत की राशि पिंडवाड़ा के तहसीलदार के लिए ली है।
यदि इतनी बड़ी रकम गरीबों में बांट दी होती तो शायद किसी का कल्याण हो जाता है लेकिन किसी और का पैसा लेकर चूल्हे पर जलाना यह वाकई खौफनाक है। ब्यूरो की टीम तहसीलदार के निवास पर उसे गिरफ्तार करने पहुंची तो उसने अपने घर के दरवाजे बंद करके भीतर करीब 15-20 लाख रुपये की भारतीय मुद्रा जला भी दी।