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समुद्र के ट्रैफिक में फसें हैं अनेकों जहाज, 25 भारतीय का दल चला रहा था ये खास जहाज

स्वेज नहर में जहाज फंसने से पूर्वी और पश्चिमी देशों के बीच समुद्र के रास्ते होने वाला व्यापार प्रभावित हुआ है। दो दिन पूर्व मिस्र की स्वेज नहर में एक विशालकाय मालवाहक जहाज अब भी वहां फंसा होने से कई जहाज आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं। इस बीच, जानकारी मिली है कि फंसे हुए जहाज को 25 भारतीय चला रहे हैं और उसे निकालकर जलमार्ग का यातायात फिर सुचारू करने के लिए कोशिशें तेज कर दी गई हैं।

इससे भारत को भारी नुकसान की आशंका है और साथ ही अहम मैन्युफैक्चरिंग सप्लाई बाधित हो सकती है। एशिया और यूरोप के बीच माल लेकर जाने वाला, पनामा के ध्वज वाला जहाज मंगलवार को इस नहर में फंस गया था।

जापान की फैक्ट्री के मालिकाना हक वाले जहाज के फंसने से नहर में जाम हो गया जिससे दर्जनों छोटे जहाज भूमध्य और लाल सागरों में फंस गए हैं। इस संकट से शिपिंग रेट बढ़ने से ट्रांसपोर्ट कॉस्ट भी बढ़ने की आशंका है। 400 मीटर लंबा विशालकाय कंटेनर शिप स्‍वेज नहर में फंसा है और इसके निकलने के आसार दूर-दूर तक नहीं दिखाई दे रहे हैं।

इस संकट के कारण समुद्र में दोनों ही ओर लंबा जाम लग गया है। सैकड़ों की संख्‍या में जहाज और तेल टैंकर फंसे हुए हैं। फंसे हुए जहाज के जापानी मालिक ने बताया कि इसे चलाने वाला चालक दल भारत से आया है और इसके सभी सदस्य सुरक्षित हैं। इस जहाज पर मिस्र के दो विशेषज्ञ चालक भी पहुंचे हैं जो फंसे हुए जहाज को निकालने में मदद कर रहे हैं। क्रैशा ने पूरी घटना के लिए बयान जारी करके माफी मांगी है।

एवर गिवेन जहाज एशिया व यूरोप के बीच माल ढुलाई करता है। मंगलवार को यह स्वेज नहर के संकरे रास्ते में फंस गया था। इस संकट के कारण भारत से यूरोप, नॉर्थ अमेरिका और साउथ अमेरिका के लिए ऑयल, टेक्सटाइल, फर्नीचर, कॉटन, ऑटो कंपोनेंट्स और मशीन पार्ट्स की खेप 10 से 15 दिन लेट हो सकती है।

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