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शहर को मिलेगी स्वच्छ हवा, प्रशासन ने कर दी यह तैयारी

शहरवासियों को साफ हवा और स्वच्छ वातावरण मिलेगा। शनिवार को नगर निगम आयुक्त यशपाल यादव ने नेशनल हाईवे स्थित संत सूरदास मैट्रो स्टेशन पर ग्रीन बैल्ट का उद्घाटन किया। इसके बाद निगम आयुक्त द्वारा बल्लभगढ़ स्थित पंचायत भवन में वायु यंत्र का शुभारंभ किया गया। इन दोनों कार्यों में नीरी (सीएसआईआर), एनएचएआई समेत शहर की सबसे पुरानी कंपनी गुडईयर और एक एनजीओ आईपीसीए (इण्डियन पोल्यूशन कंट्रोल एसोसिशन) ने अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया।

पर्यावरण संरक्षण एवं स्वच्छ वातावरण के लिए एक जनसभा का भी आयोजन किया गया। इस दौरान निगमायुक्त यशपाल यादव समेत निगम के अतिरिक्त आयुक्त इन्द्रजीत कुलड़िया, एनएचएआई के निदेशक बंसल, सहायक प्रोजेक्ट निदेशक धीरज, नीरी सांइटिस्ट डा. सुनील गुलिया, आईपीसीए निदेशक आशीष जैन, उपनिदेशक डा. राधा गोयल गुडईयर कंपनी के हैड (लीगल एवं कम्पलायंस) सोनाली खन्ना समेत प्रोजेक्ट को डिजाईन करने वाले संस्था सहित कई अधिकारी भी उपस्थित थे।

कार्यक्रम में लोगों को संबोधित करते हुए निगमायुक्त ने कहा कि शहर में बढ़ते प्रदूषण को कम करने के लिए निगम की ओर से कई प्रयास किए जा रहे है। जिसके तहत ग्रीन बैल्ट को विकसित किया गया है।
पाॅयलट प्रोजेक्ट के रूप में बल्लभगढ़ से वायु यंत्र लगाने की शुरूआत की गई है। यह घनी औद्योगिक इकाईयां वाला क्षेत्र है जिसे ध्यान में रखते हुए 22 स्थानों को चिहिन्त किया गया है।

कार्यक्रम में उपस्थित अतिरिक्त निगमायुक्त इंद्रजीत कुलडिया ने बताया कि इसी तर्ज पर नेशनल हाइवे का करीब ढाई किलोमीटर एरिया बतौर ग्रीन बेल्ट विकसित होगा। साथ ही शहर में एनएचएआई के पांच ओवरब्रिजों के साथ-साथ भी ग्रीन बेल्ट को विकसित करने का काम शुरू किया जा रहा है। शहर में जिन स्थानों पर अधिक प्रदूषण का दबाव है वहां वायु यंत्रों को स्थापित करने का काम शुरू किया गया है।
कार्यक्रम के दौरान नीरी वैज्ञानिक डा. सुनील गुलिया ने बताया कि ऐसे प्रोजेक्ट देश के अन्य शहरों जैसे मुम्बई, बंगलूरू में हो चुके है।

दिल्ली-एनसीआर में लगातार प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है जिससे यहां रहने वालों के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है क्योंकि किसी भी औद्योगिक व व्यवसायिक इकाईयों को बंद करना या कम करना भी संभव नहीं है। क्योंकि दिल्ली एनसीआर देश के वो क्षेत्र है जो सबसे अधिक रोजगार-राजस्व मुहैया कराते है इसलिए जरूरी है कि बीच का रास्ता निकालते हुए प्रदूषित हवा को साफ करने का प्रयास किया जाए।

कार्यक्रम समापन अवसर पर निगमायुक्त ने जहां एक ओर इस प्रोजेक्ट में शामिल सभी का तहेदिल से धन्यवाद किया वहीं शहरवासियों से अपील कर कहा कि कोई भी प्रयास बिना उनकी भागीदारी और योगदान के सफल नहीं हो सकता। इसलिए जरूरी है कि लोग अपने आसपास साफ-सफाई रखें।

साल 2021 को प्रदूषण रहित वर्ष का नाम दिया गया है। उन्होंने कहा कि उम्मीद है कि जिस तरीके से फरीदाबादवासियों ने कोविड के खिलाफ अपना योगदान देकर राज्य सरकार और प्रशासन के प्रयासों को सफल बनाया और कोविड को हराया उसी तरह अब स्वच्छ वातावरण के लिए मिलकर पहल होगी जिसे पूरी सफलता मिलेगी।

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