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चमत्कारिक घटनाओं से परिपूर्ण है जिले का यह प्राचीन मंदिर, हवा में लटका हुआ है पत्थर

कलपुर्जों के नगरी के रूप में विश्व भर में विख्यात फ़रीदाबाद का अपना एक अलग ऐतिहासिक महत्व भी हैं। जिले में ऐसे बहुत से दर्शनीय स्थल के लिए है जिनका संबंध त्रेता काल से है। फरीदाबाद के पाली गांव के गोठड़ा मोहब्ताबाद में ऐसा मंदिर स्थित है जहां बिना किसी सहारे के एक चट्टान का टुकड़ा हवा में लटका हुआ है।


दरअसल, औद्योगिक नगरी फरीदाबाद उद्योग के साथ-साथ प्राचीन मंदिरों से भी सुशोभित है जिसमें परसोन मंदिर सहित कई और मंदिर शामिल हैं। पाली गांव के गोठड़ा मोहब्ताबाद में झरना मंदिर नामित एक मंदिर है। इस मंदिर की मान्यता है कि यहां महर्षि नचिकेता के पुत्र उद्यालक मुनि ने 88 हजार वर्षों तक तपस्या की थी। इस मंदिर के बारे में एक कथा भी काफी प्रचलित है। कथा के अनुसार उद्यालक मुनि गुफा में बैठकर तपस्या कर रहे थे।

चमत्कारिक घटनाओं से परिपूर्ण है जिले का यह प्राचीन मंदिर, हवा में लटका हुआ है पत्थर
चमत्कारिक घटनाओं से परिपूर्ण है जिले का यह प्राचीन मंदिर, हवा में लटका हुआ है पत्थर

तपस्या के दौरान एक बार भूकंप आ गया और चट्टान का एक टुकड़ा नीचे गिरने वाला था, तभी उद्यालक मुनि ने अपने एक हाथ से उस पत्थर के टुकड़े को रोक लिया। कहा जाता हैं कि तभी से चट्टान का यह टुकड़ा हवा में लटका हुआ है। स्थानीय लोग बताते है कि यहां लोग आते है और पत्थर से धागा निकालते है। धागा बिना किसी कठिनाई के निकल जाता हैं।


गौरतलब है कि फरीदाबाद में बहुत सारे दर्शनीय स्थल हैं जिसमें से कुछ प्रमुख मंदिरों का ऐतिहासिक महत्व भी है। हरियाणा पर्यटन विभाग द्वारा इन पर्यटन स्थलों की देखरेख की जाती है वही हाल ही में कुछ स्थलों को हरियाणा पर्यटन विभाग में शामिल भी किया गया है

चमत्कारिक घटनाओं से परिपूर्ण है जिले का यह प्राचीन मंदिर, हवा में लटका हुआ है पत्थर
चमत्कारिक घटनाओं से परिपूर्ण है जिले का यह प्राचीन मंदिर, हवा में लटका हुआ है पत्थर

कहां है झरना मंदिर
फरीदाबाद से 15- 20 किलोमीटर दूर पाली गांव के गोठड़ा मोहब्ताबाद के पास स्थित है। यहां गुफाओं के अंदर बहुत सारे देवी-. देवताओं की मूर्तियां स्थित है परंतु नव दुर्गा झरना मंदिर काफी प्रचलित है। मंदिर में स्थित झरने का पानी इस समय सूख चुका है परंतु यहां नलकूपों के माध्यम से इसे भरा जाता है।

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