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निगम कमिश्नर द्वारा 40 वार्डो की टीम की गई गठित, अवैध निर्माणों पर लगेगी पूरी तरह से रोक

नगर निगम क्षेत्र में अनेकों हमें तो निर्माण के मामले सामने आने के बावजूद भी अवैध निर्माण कम नहीं हो रहे हैं। सरकार द्वारा इन पर कार्रवाई भी की जा रही है लेकिन मामले हैं कि कम ही नहीं हो रहे। अब अधिकारियों व कर्मचारियों की मिलीभगत से होने वाले अवैध निर्माणों पर शिकंजा कसने की पूरी तैयारी कर ली गई है।

नगर निगम के कमिश्नर यशपाल यादव ने सभी 40 वार्डों में अवैध निर्माणों को रोकने के लिए अलग-अलग टीमें बनाई हैं। यशपाल यादव द्वारा बनाई गई इन टीमों में एसडीओ और जेई रैंक के अधिकारी भी शामिल हैं। इन अधिकारियों से अपने-अपने इलाकों में अवैध निर्माण की रिपोर्ट तैयार करने को कहा गया है।

यशपाल यादव द्वारा गठित 40 टीमों में से प्रत्येक टीम में 3 से 4 कर्मचारी हैं। जिसमें एसडीओ, जे ई व सुपरवाइजर तक शामिल है और 2 अप्रैल को ही है टीम अवैध निर्माण की जानकारी जुटाएंगी। इन अधिकारियों को 3 दिन में सर्वे की रिपोर्ट सबमिट करानी होगी तथा सबूत के तौर पर मौके की फोटो व प्रमाण पत्र भी देना होगा।

यदि इसके बाद भी कहीं अवैध निर्माण होता पाया जाता है तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी। देखा जाता है कि कई बार कार्रवाई के बावजूद छोटे अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से अवैध निर्माण फिर से शुरू कर दिया जाता है।

यशपाल यादव ने कहा कि तीनों की रिपोर्ट आने के बाद संबंधित क्षेत्र के ज्वाइंट कमिश्नर द्वारा लीगल कार्रवाई की जाएगी और यदि कोई निगम कर्मचारी अधिकारी इसमें दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने बताया कि सर्वे की जानकारी फरीदाबाद 311 एप पर उसी समय दर्ज होगी ताकि उन जगहों पर कार्रवाई करने में कोई दिक्कत ना आए। उनका कहना है कि अवैध निर्माण से न केवल लोग परेशान हो रहे हैं बल्कि शहर की खूबसूरती भी खराब हो रही है। एनआईटी, ओल्ड फरीदाबाद व बल्लभगढ़ मैं अवैध निर्माण कार्य सबसे अधिक हो रहे हैं।

वहीं दूसरी ओर प्रदेश सरकार द्वारा गठित एसआईटी टीमों द्वारा भी मंगलवार को कई जगहों का निरीक्षण किया गया। ज्वॉइन कमिश्नर प्रशांत अटकान ने बताया कि 25 जगहों पर अवैध निर्माण होता पाया गया। अवैध निर्माणों की जानकारी निगम प्रशासन को दे दी गई है।

भवनों के मालिकों को अपना पक्ष रखने व दस्तावेज पेश करने के लिए बुधवार को मुख्यालय बुलाया गया है। उन्होंने कहा कि अवैध निर्माण के दौरान यदि कोई अधिकारी व पुलिसकर्मी इसमें शामिल पाया जाता है तो सरकार द्वारा उनके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।

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