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पीली धूल और बढ़ते प्रदूषण ने जिले की हवा को किया खराब, सांस लेने में हो रही है कठिनाई

अरावली की खुदाई व राजस्थान की पीली धूल ने दिल्ली एनसीआर को अपनी चपेट में लिया हुआ है। इससे फरीदाबाद भी अछूता नहीं रहा है। ‌ बीते दो दिनों से जिले भर में धूल भरी हवाएं चल रही है।

दरअसल, अरावली में हो रही अवैध खुदाई व राजस्थान की पीली धूल ने दिल्ली एनसीआर के मौसम को शुष्क बना दिया है। मौसम विभाग के मुताबिक, इस समय पूर्वी राजस्थान के ऊपर चक्रवात का केंद्र बना हुआ है। यहां से उठने वाली हवाओं की दिशा दिल्ली-एनसीआर की तरफ है।

पीली धूल और बढ़ते प्रदूषण ने जिले की हवा को किया खराब, सांस लेने में हो रही है कठिनाई
पीली धूल और बढ़ते प्रदूषण ने जिले की हवा को किया खराब, सांस लेने में हो रही है कठिनाई

रफ्तार तेज होने से हवा रास्ते में पड़ने वाले धूल के कणों को भी साथ लेकर दिल्ली-एनसीआर पहुंच रही है। वीरवार को जिले में दिनभर हर तरफ धूल ही धूल दिख रही थी। इससे सड़कों पर चलना मुश्किल हो रहा था। लोगों की आंखों में धूल के कण घूस रहे थे।

गौरतलब है कि बीते दिनों से मौसम में काफी बदलाव देखने को मिल रहे हैं। जहां एक तरफ सर्दियां खत्म हुई है वहीं अब गर्मियां शुरु हो गई है। बीते कुछ दिनों से तापमान में काफी बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। दुल्हेंडी का दिन दिल्ली-एनसीआर में 76 साल में सबसे गर्म रहा।

तापमान बढ़कर 40.1 डिग्री सेल्सियस जा पहुंचा। यह तापमान वर्ष 1945 के बाद सबसे अधिक रहा। इससे पहले 31 मार्च 1945 को 40.5 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया था। 29 मार्च 1973 को तापमान 39.6 रिकॉर्ड किया गया था।

पीली धूल और बढ़ते प्रदूषण ने जिले की हवा को किया खराब, सांस लेने में हो रही है कठिनाई
पीली धूल और बढ़ते प्रदूषण ने जिले की हवा को किया खराब, सांस लेने में हो रही है कठिनाई

प्रदूषण में हुई बढ़ोतरी
जिले में वायु गुणवत्ता सूचकांक भी आज खतरनाक स्तर पर रहा। सेक्टर 16 में वायु गुणवत्ता प्रदूषण के मामले में 188 दर्ज किया गया, बल्लभगढ़ में 76 तथा एनआईटी क्षेत्र में 172 दर्ज किया गया जोकि काफी हानिकारक माना जाता है। हवा के खराब होने से लोगों को सांस लेने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बदलते मौसम से भी लोग परेशान है।

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