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कागजों में दिखाकर फर्जी कंपनी ने किया करोड़ों रुपए का लेनदेन

सरकार के द्वारा टैक्स चोरी को रोकने के लिए जीएसटी को लागू किया गया था। लेकिन जीएसटी लागू होने के बाद भी लोगों के द्वारा कागजों में फर्जी कंपनियां बनाकर करोड़ों रुपए की जीएसटी का खेल खेला जा रहा है। जिले में भी ऐसी कई कंपनियां सामने आई है जिसके खिलाफ विभिन्न थानों में एफ आई आर दर्ज की गई है।

यह f.i.r. एक्साइज टैक्सेशन ऑफिसर के द्वारा दर्ज करवाई गई है। जिले के सेंट्रल, सेक्टर 8 और एसजीएम नगर थाने में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

कागजों में दिखाकर फर्जी कंपनी ने किया करोड़ों रुपए का लेनदेन
कागजों में दिखाकर फर्जी कंपनी ने किया करोड़ों रुपए का लेनदेन

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार एक्साइज सेक्शन ऑफिसर विक्रम सिंह ने सेक्टर 8 थाने में पुलिस को दी शिकायत में बताया कि एनआईटी नेहरू ग्राउंड में स्थित केजी ट्रेडर जिसका मालिक मोही खान है। पुलिस को बताया कि मोही खान ने जिस पते पर फर्म को रजिस्टर करवा रखा था। असल में उस पते पर कोई फर्म मौजूद ही नहीं थी ।

इसके अलावा इस फर्म का टर्नओवर करीब 56 करोड़ का है। वही जीएसटी फ्रॉड करीब 10 करोड़ रुपए का है। दूसरा मामला एसजीएम नगर पटेल पटेल चौक पर दिलीप इंटरनेशनल होर्डिंग के नाम से फर्म रजिस्टर्ड करवाई हुई है।

कागजों में दिखाकर फर्जी कंपनी ने किया करोड़ों रुपए का लेनदेन
कागजों में दिखाकर फर्जी कंपनी ने किया करोड़ों रुपए का लेनदेन

इस फर्म में 116 करोड रुपए का लेनदेन दिखाया गया है। वही 18 करोड़ रुपए की जीएसटी रिटर्न की भी फाइल की है। अधिकारियों को संदेह होने पर जब जांच की गई तो पता चला कि उक्त पते पर कोई फर्म है ही नहीं। वहां किसी अन्य व्यक्ति की दुकान मौजूद है।

जांच अधिकारियों ने अनुमान है कि पर जीएसटी को चूना लगाने के लिए पंजीकृत कराई गई है। केवल कागजों में खरीद-फरोख्त दिखाकर जीएसटी का चूना लगाया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर कार्यवाही शुरू कर दी है। इसके अलावा एनआईटी में भी फर्जी फर्म जो कि कागजों में तैयार की गई है।

कागजों में दिखाकर फर्जी कंपनी ने किया करोड़ों रुपए का लेनदेन
कागजों में दिखाकर फर्जी कंपनी ने किया करोड़ों रुपए का लेनदेन

लेकिन उस फर्म का जो मालिक है उसको पता ही नहीं है कि वह करोड़ों रुपए की कंपनी का मालिक है। क्योंकि वह व्यक्ति एक ठेकेदार के यहां कारपेंटर काम करता है। कारपेंटर डालचंद ने बताया कि उसको पता ही नहीं है कि वह इतनी बड़ी कंपनी का मालिक भी है।

उसने बताया कि उसके कुछ परिजन ने कुछ दिन पहले उससे आधार कार्ड का पैन कार्ड की फोटो कॉपी पर साइन करवाए थे और कहा था कि वह उसको ₹10000 की पेंशन सरकार से दिलाएंगे। लेकिन उसने उन कागजों का क्या करें इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है। पुलिस ने सभी फर्जी कंपनी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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