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राजनीति शब्द का अर्थ पलटने वाले युवा नेता दुष्यंत चौटाला के जन्मदिवस पर जानिए उनके खास राज़

दुष्यंत चौटाला अपने आप में एक ऐसा नाम जिसे आज पूरे हरियाणा में डिप्टी सीएम यानी कि उप मुख्यमंत्री के नाम से संबोधित किया जाता है। वहीं अब यह नाम कितने युवाओं के दिल में और दिमाग में घर कर चुका है इसकी जानकारी जुटा पाना नामुमकिन है।

ऐसा इसलिए क्योंकि उपमुख्यमंत्री ने युवा नेता होते हुए भी एक ऐसा मुकाम हासिल किया है जहां पर उनका खुदका परिवार ही उनके खिलाफ खड़ा हुआ है। आज दुष्यंत चौटाला का जन्मदिन है, जहां हम हमारा छोटे मुख्यमंत्री को हार्दिक शुभकामनाएं देंगे वही उनके जीवन से जुड़े और संघर्षपूर्ण तथ्यों से भी आपको रूबरू करवाएंगे।

मैं राजनीती करने नहीं, राजनीती बदलने आया हूँ! मैं हरियाणा की राजनीती को बदल कर ही दम लूंगा! इसके लिए चाहे मुझे अपनों से क्यों ना टकराना पड़े। राजनीति के गलियारों में कदम रखने वाले युवा नेता कद्दावर दुष्यंत चौटाला के बोल कुछ तरह और हौसलें उससे भी कई ज्यादा बुलंद थे।

3 अप्रैल 1988 को दुष्यंत चौटाला का जन्म हुआ था। दुष्यंत चौटाला के पिता का नाम अजय चौटाला और माता का नाम नैना चौटाला है। वहीं के दादाजी की बात करें तो वह हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और इंडियन नेशनल लोक दल के नेता ओम प्रकाश चौटाला है जिनके दो पुत्र अजय चौटाला और अभय चौटाला है।

यह शब्द हैं हरियाणा की राजनीति का तख्तापलट करने वाले नेता दुष्यंत चौटाला के। जिन्होंने हरियाणा में राजनीति की सूरत को बदल रख दिया। उनके बारे में और जाने के लिए इतिहास में जानना ज़रूरी है।

अपने ही परिजनों के खिलाफ होने के बावजूद प्रदेश में अपना दबदबा कायम रखने के लिए जो जिगरा किसी व्यक्ति में हो सकता है तो वो नाम है हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला का।

दुष्यंत चौटाला की शिक्षा से लेकर उनके मनोरंजन का ज्ञान

सबसे बड़े पोते दुष्यंत के जन्म से ओमप्रकाश चौटाला बहुत खुश थे। दुष्यंत को हमेशा से ही दादा का चाहता माना जाता था। उन्होंने हिसार के सेंट मैरी स्कूल से अपनी प्राथमिक शिक्षा पूरी की। दुष्यंत को हमेशा से ही खेल कूद का शॉक था।

उन्होंने बॉक्सिंग में कई गोल्ड मेडल्स भी जीते है और साथ ही साथ वह हॉकी टीम के गोलकीपर भी रहे हैं। स्कूल में पढ़ाई पूरी करने के बाद दुष्यंत को उच्च शिक्षा ग्रहण करने अमेरिका भेजा गया जहाँ उन्होंने बैचलर्स इन साइंस की पढ़ाई की और वापस वतन लौट आए।

जब अपने ही दादा जी को सलाखों के पीछे देख राजनीति में दुष्यंत का पहला कदम

27 जनवरी 2013 के दिन दुष्यंत को वापस अमेरिका लौटना था वो वहीं पर अपनी आगे की पढ़ाई पूरी करने के मन बना चुके थे पर 16 जनवरी 2013 के दिन ने उनकी ज़िंदगी बदल कर रख दी। 16 जनवरी को पूर्व मुख्यमंत्री और दुष्यंत के दादा ओपी चौटाला को जीबीटी घोटाले का कसूरवार ठहराते हुए सलाखों के पीछे दाल दिया गया।

दुष्यंत इस पूरी घटना से दुखी हो गए और फिर दादा का मान और प्रतिष्ठा बचाने के लिए उन्होंने राजनीति में कदम रखने का फैसला किया।

जब सबसे कम उम्र में संसद बनने वाले नेता का रिकॉर्ड किया अपने नाम

2014 के लोकसभा चुनाव में वह हिसार क्षेत्र से मैदान में उतरे और फ़तेह हासिल की। उन्हें हिसार से सांसद चुना गया और इसी के साथ उन्होंने सबसे काम उम्र में संसद पहुंचने वाले नेता के रूप में रिकॉर्ड स्थापित किया। कुछ समय बाद उन्होंने आईपीएस परमजीत एहलावत की बेटी मेघना एहलावत से शादी करली।

दुष्यंत अब एक प्रखर नेता के रूप में उभर रहे थे। विपक्ष दाल के साथ साथ वह अब अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं की आँखों में भी खटकने लगे। उनके चाचा अभय चौटाला के साथ रिश्ते बिगड़ने लगे थे।

दुष्यंत को दादा ने लगाई आमजन के सामने फटकार

दुष्यंत की स्पीच के दौरान सबने उन्हें शांति से सुना और फिर बारी आई ओमप्रकाश चौटाला के बेटे और दुष्यंत के चाचा अभय चौटाला की। जैसे ही उन्होंने बोलना शुरू किया जनता ने दुष्यंत के लिए नारे लगाना शुरू कर दिया। हमारा सीएम कैसा हो दुष्यंत चौटाला जैसा हो।

यह सब देख मंच पर मौजूद ओपी चौटाला ने हाथ से इशारा कर दुष्यंत को अपने पास बुलाया और उन्हें वहीं सबके आगे फटकार लगादी। अपनी स्पीच के दौरान ओमप्रकाश चौटाला ने कहा की ” केवल नारे से काम नहीं चलता। अगर नारे से काम चलता तो मैं एकला ही चला लेता।

2019 का चुनाव दुष्यंत के लिए रामबाण साबित हुआ। जब देश की दो प्रखर राजनैतिक पार्टियां हरियाणा के चुनावी मैदान में उतरी तो किसी ने भी जेजेपी से ख़ास प्रदर्शन की उम्मीद नहीं की थी।

पर चुनाव परिणाम दुष्यंत के लिए गेम चेंजर साबित हुआ। दोनों ही पार्टियां अपनी उम्मीदों पर खड़ी नहीं उतर पाई। हरियाणा में सरकार बनाने के लिए अब गठबंधन की ज़रुरत थी और फिर दुष्यंत ने इस पूरी राजनीति तख्ता पलट किया।

भाजपा से हाथ मिलाकर यह शर्त राखी कि उन्हें राज्य के उपमुख्यमंत्री का पद सौंपा जाए और फिर हरियाणा में गठबंधन की सरकार बनी जिसमे जेजेपी का अमूल्य योगदान रहा। दुष्यंत एक युवा नेता है और हमेशा से ही उन्होंने युवाओं की बेहतरी और उनके भविष्य की बात की है। और युवाओं को प्रेरित करते हुए वह कहते हैं कि ” जब आप पैदा हुए, तो पूरी दुनिया ने जश्न मनाया और आप रोए, ज़िंदगी में कुछ ऐसा करके जाएँ मेरे दोस्त कि पूरी दुनिया रोए और आप जश्न मनाएं “

उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला का 33 वा जन्म दिवस है। जहां सुबह से सोशल मीडिया के माध्यम से डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला को सैकड़ों बधाइयों से नवाजा जा रहा है, तो वहीं निवास पर पहुंचे उनके चाहने वालों द्वारा पुष्पों से जन्मदिवस की हार्दिक बधाई दे रहे हैं। वही जजपा जिला अध्यक्ष अरविंद भारद्वाज ने भी उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला को 33वें वर्षगाठ के अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए उन्हें हरियाणा का भविष्य बताया।

अरविंद भारद्वाज ने बताया कि उपमुख्यमंत्री ने जहां एक ओर युवाओं के लिए अभिप्रेरणा बनें इसी तरह आने वाले भविष्य में आमजन उन्हें मुख्यमंत्री के पद पर विराजमान दिखेंगी।

इसके अलावा फरीदाबाद के पार्षद दीपक चौधरी ने भी डिप्टी सीएम की वर्षगाठ पर हार्दिक बधाई देते हुए हरियाणा के 75 प्रतिशत युवाओं को रोजगार देने के लिए कोटि कोटि धन्यवाद व्यक्त किया

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