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24% फ़र्ज़ी कर्मचारियों ने लगवाई वैक्सीन की डोज़, ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन हुआ बंद

16 जनवरी सरकार के द्वारा पहली वैक्सीन डोज स्वास्थ्य कर्मियों के लिए शुरू की गई थी। शुरू करने से पहले सभी जिलों में स्वास्थ्य कर्मियों का डाटा ऑनलाइन फीड कर लिया गया था। अगर हम अपने फरीदाबाद जिले की बात करें तो करीब 25000 स्वास्थ्य कर्मियों को वैक्सीन लगाई जानी थी।

लेकिन जब सभी डाटा ऑनलाइन फीफा किया गया तो यह आंकड़ा बढ़ता ही चला गया। इसमें बताया जा रहा है कि करीब 24% फर्जी या रिटायर्ड कर्मियों को भी वैक्सीन की डोज लगाई जा चुकी है। नेशनल हेल्थ मिशन के सेक्रेटरी राजेश भूषण के द्वारा एक पत्र जारी किया गया है।

जिसमें यह कहा गया है कि 16 जनवरी को हेल्थ केयर वर्कर को वैक्सीन की डोज़ लगाने की प्रक्रिया को शुरू किया गया था। लेकिन उनकी पहली डोज़ की प्रक्रिया को 25 फरवरी को खत्म कर दिया गया था। वहीं अगर हम फ्रंटलाइन वर्कर की बात करें तो 2 फरवरी को उनको वैक्सीन लगाना शुरू किया गया था।

वही 6 मार्च तक सभी फ्रंटलाइन वर्कर्स को पहली डोज़ लगवाने का टारगेट दिया गया था। स्वास्थ्य कर्मी और फ्रंट लाइन ऑफिसर के लिए कई बार ऑनलाइन प्रक्रिया को बढ़ाया गया। वैक्सीन लगाने से पहले सभी स्वास्थ्य कर्मी व फ्रंटलाइन ऑफिसर का डाटा ऑनलाइन पोर्टल पर फीड किया जाता था।

लेकिन कई बार सर्वर डाउन होने की वजह से वह ऑफलाइन एंट्री करके वैक्सीन को लगा देते थे और उसके बाद उस ऑफलाइन डाटा को जब ऑनलाइन फीड किया गया तो स्वास्थ्य कर्मी के आंकड़े में काफी इजाफा देखा गया। लेटर में उन्होंने यह भी बताया है कि हरियाणा राज्य में करीब दो लाख स्वास्थ्य कर्मियों को वैक्सीन लगाई जानी थी।

लेकिन असल में 2 लाख से कई गुना ज्यादा स्वास्थ्य कर्मियों को वैक्सीन लगाई जा चुकी है। उन्होंने यह भी जिक्र किया है कि राज्य में करीब 24% फर्जी कर्मचारियों या फिर यूं कहें रिटायर्ड कर्मचारियों के द्वारा भी वैक्सीन लगाई गई है। 24% फर्जी स्वास्थ्य कर्मी या रिटायर्ड स्वास्थ्य कर्मियों का डाटा ऑफलाइन भरा गया है और उनको वैक्सीन लगा दी गई है।

लेकिन जब यह डाटा मंत्रालय के बोतल पर फीड किया गया। तब आंकड़ों में पाया कि करीब 24% प्रतिशत स्वास्थ्य कर्मियों के द्वारा टीका लगवाया गया है। इसी वजह से स्वास्थ्य मंत्रालय के द्वारा 3 अप्रैल को फ्रंटलाइन ऑफिसर और हेल्थ केयर वर्कर्स की ऑनलाइन एंट्री को बंद कर दिया गया है।

अगर अब कोई स्वास्थ्य कर्मी या फ्रंटलाइन ऑफिसर वैक्सीन की डोज़ नहीं लगा पाया है। तो उनको अब आम जनता के लिए जब डोज़ खोली जाएगी, तब लगवाने होगी। क्योंकि अब वह इन दोनों क्राइटेरिया में वैक्सीन की डोज़ को नहीं लगवा सकते। क्योंकि इन दोनों क्राइटेरिया के ऑनलाइन डाटा की प्रक्रिया को बंद कर दिया गया है। साथ ही सभी जिलों को आदेश दे दिए गए हैं कि वह ऑफलाइन एंट्रीको भी बंद कर दे।

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