Pehchan Faridabad
Know Your City

जानिये चोरी करने पर क्या होती है सजा, किसी के घर में चोरी छुपे घुसने पर क्या मिल सकती है सजा

देश में लगातार चोरी की वारदातें बढ़ती जा रही हैं। चोर इतने शातिर हो चले हैं कि तकनिकी ज्ञान भी इन्हे आने लगा है। मानव समाज को सुचारू रूप से चलने के लिए प्रशासन का नियमन अनिवार्य है। इसके लिए न केवल व्यक्ति को, एक व्यक्ति के रूप में बल्कि उनकी संपत्ति की सुरक्षा की भी आवश्यकता होती है इसलिए न्यायशास्त्र की सभी प्रणालियों ने शुरुआती समय से ही इसकी सुरक्षा का प्रावधान किया है।

शहर हो या गांव बेखौफ होकर चोर चोरी करते हैं। कानून का डर इन्हें नहीं होता है। ऐसा काफी बार देखा गया है कि कोई व्यक्ति रात के समय चोरी से किसी भी व्यक्ति के घर में घुस जाते हैं और कुछ अनिमिताए फैलाए या अनुचित कार्य करने लगे तो यह भी एक दण्डिनीय अपराध होगा।

पुलिस – चोर का खेल हर जिले और शहर में चलता रहता है। यह गेम शायद ही कभी बंद होगी। कानून के नज़र में एक मामूली चीज़ और कोहिनूर की चोरी को कोई अंतर नहीं है, दोनों श्रेणी में अपराध करने वाले को भारतीय दंड संहिता के हिसाब से सज़ा का प्रावधान है। चोरी का अपराध संपत्ति के खिलाफ अपराध के दायरे में आता है जो धारा 378 से धारा 462 तक फैली हुई है। चोरी की धारा 378 से 382 के तहत कार्रवाई की गई है।

कानून की जानकारी न होने के कारण हम काफी बार बहुत पीछे रह जाते हैं। अज्ञानता के कारण हम काफी कुछ छोड़ भी देते हैं। लेकिन धारा 444 के तहत अगर कोई व्यक्ति किसी अन्य व्यक्ति के घर में बिना उसकी परमिशन के प्रवेश करता है ओर उसके घर में अतिचार या अनिमिताए फैलाएगा तो वह व्यक्ति जो ऐसा कार्य करेगा। इस धारा के अंतर्गत दोषी ठहराया जाएगा।

काफी बार ऐसा देखा गया है कि बिना मेहनत के जल्दी धनबान बनने की चाहत के कारण चोर चोरी करता है। यह एक अपराध है। चोरों की दुनिया बहुत छोटी होती है। धारा 379 के अंतर्गत, चोरी के लिए सजा जो कोई भी चोरी करता है, उसे एक ऐसी अवधि के लिए या तो विवरण के कारावास के साथ दंडित किया जाएगा जो तीन साल तक, या जुर्माने के साथ, या दोनों के साथ हो सकता है ।

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More