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घर बेचकर भी जाना चाहते हैं पर जा नहीं सकते, इस समस्या ने कर दिया है लोगों का जीना दुश्वार

संजय कॉलोनी में गली नंबर 38 काफी लंबे समय से सीवर ओवरफ्लो की समस्या बनी हुई है। सीवर ओवरफ्लो होने से सड़कों पर पानी बिखरा रहता है। नगर निगम कर्मचारियों के द्वारा यहां सफाई तो की जाती हैं परंतु दो- तीन बाद स्थिति जस की तस बन जाती है।

दरअसल, वार्ड नंबर 3 के अंतर्गत आने वाली संजय कॉलोनी की कुछ गलियों में सीवर ओवरफ्लो की समस्या बनी हुई है। सीवर ओवरफ्लो होने के कारण सड़कों पर पानी भी खड़ा रहता है जिससे आसपास रहने वाले लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। आलम यह है कि आए दिन यहां से निकालने वाला कोई ना कोई वाहन चालक ‍चोटिल भी होता रहता है।

घर बेचकर भी जाना चाहते हैं पर जा नहीं सकते, इस समस्या ने कर दिया है लोगों का जीना दुश्वार
घर बेचकर भी जाना चाहते हैं पर जा नहीं सकते, इस समस्या ने कर दिया है लोगों का जीना दुश्वार

स्थानीय निवासी दिलीप दुबे ने बताया कि यहां सीवर ओवरफ्लो की समस्या काफी लंबे समय से बनी हुई है। सफाई कर्मचारी यहां सफाई करने आते हैं परंतु दो-तीन दिन बाद हालात पहले के जैसे ही बन जाते हैं। यहां हमने अपने घर के अंदर सभी नालियों को बंद किया हुआ है जिससे सीवर का पानी घर के अंदर प्रवेश ना करें।

सीवर ओवरफ्लो इतना ज्यादा है कि घरों के अंदर तक पानी घुस जाता है। सीवर ओवरफ्लो होने के कारण यहां गंदा पानी इकट्ठा हो जाता है जिसमें मक्खी मच्छर पनपते हैं और बीमारी का कारण बनते हैं।

दिलीप ने बताया कि पार्षद तथा नगर निगम अधिकारियों को इस विषय में कई बार सूचित किया जा चुका है परंतु कोई कार्यवाही नहीं होती। जब पार्षद को शिकायत की जाती है तब सफाई कर्मचारी आकर यहां सफाई कर देते हैं परंतु दो-तीन दिन बाद फिर से हालात जस के तस हो जाते हैं।

घर बेचकर भी जाना चाहते हैं पर जा नहीं सकते, इस समस्या ने कर दिया है लोगों का जीना दुश्वार
घर बेचकर भी जाना चाहते हैं पर जा नहीं सकते, इस समस्या ने कर दिया है लोगों का जीना दुश्वार

कुछ अन्य स्थानीय निवासियों ने बताया कि वह इस समस्या से परेशान होकर अपना घर बेचना चाहते हैं परंतु यहां इस समस्या के कारण कोई घर भी नहीं खरीदना चाहता।

गौरतलब है कि नगर निगम के अंतर्गत आने वाले वार्डों में सीवर की समस्या बनी हुई है। सीवर की समस्या से परेशान होकर लोग सीएम तक को ट्वीट करने को मजबूर है परंतु प्रशासनिक अधिकारियों के द्वारा इस समस्या के प्रति किसी भी प्रकार की कोई ठोस कार्यवाही नहीं की जाती है।

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