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भारतीय सेना से हटाए जाएंगे इतने लाख जवान, जानिए क्या है वजह

भारतीय सेना अपनी संरचना में कई बड़े बदलाव करने की योजना बना रही है। यह बदलाव सेना की पूर्ण उतपाक़दकता को बढ़ाने के तहत किये जा रहे है। सेना की लोगिस्टिक टेल को कम करके तकनीकी फुट पर विकास की रणनिति बनाई जा रही है। सिर्फ लोगिस्टिक ही नहीं, बल्कि लड़ाकू टुकड़ियों व सपोर्ट और सप्लाई स्टाफ में से भी जवानों की कटौती की जाएगी।

इसकी जानकारी भारतीय सेना के शीर्ष अधिकारियों ने रक्षा मंत्रालय से संबंधित एक समिति को दी। जानकारों की माने तो अगले 3-4 साल में करीब 1 लाख जावानो की कटौती की जाएगी। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि सेना अपनी टूथ टू टेल रेश्यो कम करने पर काम कर रही है व लड़ाकू जावानो को नई तकनीक उपलब्ध कराने के लिए इस नई योजना पर काम कर रही है। जवानों को आधुनिक तकनीकों से लैस करना अतिआवश्यक है क्योंकि उन्ही पर हमारे देश की सुरक्षा का ज़िम्मा होता है।

मौजूदा स्वरूप में लड़ाकू जवानों के साथ एक पर्याप्त सपोर्ट व सप्लाई टीम कार्य करती है। जो सारे संसाधनों का प्रबंध करने का काम करती है। अधिकारियों की माने तो बेहतर तकनीकी उपकरणों के साथ केवल 80 लोग ही 120 लोगों का काम कर सकते हैं जिसकी वजह से सेना की उत्पादकता बढ़ेगी। बेहतर तकनीकी सुविधाएं समय भी बचाएंगी व विश्व में भारतीय सेना तकनीकी तौर पर किसी भी देश से पीछे नहीं रहेगी।

हालांकि इस निर्णय पर अभी तर्क वितर्क जारी है क्योंकि कई जानकारों की माने तो वर्तमान में सेना के पास ज्यादातर तकनीकी उपकरण मौजूद हैं और इसलिए इस निर्णय को कई जानकार गैर जरूरी बता रहे हैं।दरसल जनरल वी.पी. मलिक के कार्यकाल में लगभग 50000 जवानों को हटाया गया था और अब सेना के अधिकारियों की रिपोर्ट की माने तो लगभग अगले 3 से 4 सालों में 100000 जवानों तक की कटौती की जाएगी।

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