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भ्रष्ट निगम के रूप में उभर रहा है फरीदाबाद नगर निगम, इस बड़े घोटाले में हो रही है जांच

नगर निगम फरीदाबाद इन दिनों भ्रष्ट निगम में तब्दील होता जा रहा है। ‌ आए दिन निगम से भ्रष्टाचार का कोई ना कोई मामला सामने आ रहा है ऐसा ही एक मामला मई 2020 में सामने आया जहां बिना काम किए विभिन्न फर्मों को 200 करोड़ रुपए का भुगतान कर दिया गया।

इस घोटाले का खुलासा तब हुआ जब पार्षद ने आरटीआई के द्वारा अपने क्षेत्र में हुए विकास कार्यों का नगर निगम से ब्योरा मांगा। आरटीआई के जवाब में पता चला कि नगर निगम ने विभिन्न फर्मों को बिना काम किए ही 200 करोड़ रुपए का भुगतान कर दिया है।


निगम पार्षद दीपक चौधरी ने अकाउंट ब्रांच से 2017 से 2019 तक विकास कार्यों का ब्यौरा मांगा था। उन्होंने पूछा था कि किस फंड से किस ठेकेदार को कितनी पेमेंट हुई। चौधरी ने बताया कि उनके वॉर्ड में 27 ऐसे कार्य हुए हैं जिनमें 1 करोड़ रुपये से ज्यादा की पेमेंट दिखाई गई है। कामों में नालियों की रिपेयरिंग, इंटरलॉकिंग टाइल लगाना और स्लैब लगाने को दिखाया गया। लेकिन वहां कोई काम ही नहीं हुआ।

पता करने पर ऐसे दस वार्ड सामने आए जहां काम नहीं हुआ और ठेकेदार को भुगतान कर दिया गया। कुल 10 वार्डों में करीब 50 करोड़ का विकास दिखाकर ठेकेदार द्वारा गबन करने की बात सामने आयी। मामला खुलने के बाद राज्य सरकार ने नगर निगम में बिना काम किए भुगतान करने वाले चार पार्षदों की ओर से मिली शिकायत पर जांच मंडलायुक्त संजय जून को सौंप थी।

कथित घोटाले की जांच अभी पूरी भी नहीं हुई थी कि इससे पहले ही 17 अगस्त को निगम की वित्तीय शाखा में आग लग गई। इस आग में वित्तीय शाखा का रिकॉर्ड व अन्य सामान जलकर राख हो गए।

वही अब इस मामले की जांच विजिलेंस की टीम कर रही है। विजिलेंस की टीम ने हाल ही में फरीदाबाद नगर निगम का दौरा किया।

वार्ड पार्षद दीपक चौधरी ने बताया कि इस मामले में सरकार द्वारा जांच करवाई जा रही है वही निगम स्तर पर भी इस मामले की जांच हो रही है। निगमायुक्त यशपाल यादव इस मामले में काफी गंभीर हैं और जल्द से जल्द इस घोटाले का पर्दाफाश करने के लिए कार्यरत हैं।

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