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अतुलनीय शादी : दूल्हे ने दहेज के नाम पर ली वो खास चीज जिसकी सब कर रहे तारीफ, जानिये क्या थी वो खास चीज़

आप बहुत सी शादियों में गए होंगे और वहां जाकर इर्द – गिर्द घूम कर यह ज़रूर देखते होंगे कि दहेज़ में कार मिली है या बाइक। आखिर क्या – क्या सामान दहेज़ में मिला है इस बात को जब तक आप जान नहीं लेते आपको चैन नहीं मिलता। लेकिन हरियाणा से एक ऐसी शादी की खबर आई है जहां दहेज़ के नाम पर जो चीज़ मिली है वो काफी आम बात है।

दहेज प्रथा का चलन हर राज्य में लंबे समय से चलता आ रहा है। इस शादी में दहेज़ के नाम पर दूल्हे ने जो लिया है वो सुनकर आप चकित हो जाएंगे। दरअसल, गांव ढाणी ठोबा के पंकज शर्मा ने दहेज प्रथा जैसी सामाजिक बुराई को दरकिनार करते हुए अपने विवाह में मात्र रामायण, एक पौधा, 11 नोटबुक व पेन स्वीकार करके अपना विवाह रचाकर समाज में एक अनूठी मिसाल पैदा की है।

रामायण को हम आज के समय में काफी कम महत्व देते हैं लेकिन यह वही किताब है जो जीना सिखाती है। इसी किताब को दहेज में लेकर दूल्हे ने मिसाल कायम की है। दहेज के खिलाफ उनके इस प्रयास की चहुंओर भूरि-भूरि प्रशंसा हो रही है। पंकज शर्मा पुत्र राजेन्द्र शर्मा निवासी गांव ढाणी ठोबा का विवाह राजस्थान के हनुमानगढ़ के बृजलाल शर्मा की बेटी एकता से हुआ है।

किसी भी व्यक्ति के लिए शादी से बड़ा दिन नहीं होता है। इस दिन उसकी नई ज़िंदगी की शुरुवात होती है। इस शादी में जब दहेज की बात चली तो पंकज शर्मा ने अपनी संस्था बुलंद उड़ान के लेन-देन-बैन की बात कहते हुए कहा कि उनको विवाह में सिर्फ एक रामायण, एक पौधा, 11 नोटबुक व 11 पैन ही चाहिए। उनकी इस मांग को सुनकर उनके ससुरालजनों को भी अपने दामाद पर फक्र महसूस हो रहा है।

अगर इसी सोच के साथ समाज आगे बढे तो दहेज के नाम पर लड़कियों की मृत्यु को काफी हद तक रोका जा सकता है। समाज को यह समझना चाहिए कि नाता उसका उसकी बहु से है, उसकी दौलत से नहीं।

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