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केजरीवाल के बयान से असमंजस में फसे दिल्लीवासी ‘ कहा – अगर कोरोना हो जाए तो आप…’

देश की राजधानी दिल्ली में कोरोना वायरस की रफ्तार कई गुणी हो चुकी है मरीज़ों की संख्या दिन प्रति दिन बढ़ती जा रही है, ऐसे में मुख्यमंत्री केजरीवाल की चिंताएं भी बढ़ रही हैं। जो यह तय नहीं कर पा रहे है कि इस महामारी को कैसे नियंत्रण में किया जाए।

जैसे जैसे कोरोना वायरस के आंकड़ों में तेजी आ रहा है, वैसे वैसे ही केजरीवाल अपने हाथ खड़े करते हुए नजर आ रहे हैं और ये बात हम नहीं, बल्कि केजरीवाल ने खुद ट्वीट करके लोगो को बताई है। दरअसल, केजरीवाल ने दिल्लीवासियों के लिए एक ट्वीट किया है, जिसे पढ़ने के बाद शायद आपको कुछ अजीब लग सकता है।

आइये जानते है क्या है आखिर पूरा मामला:-

बीते शुक्रवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट करते हुए लिखा कि मेरे दिल्लीवासियों, अगर आपको कोरोना हो जाए तो घबराना मत। आप में से ज्यादातर लोगों का इलाज #HomeIsolation में ही किया का सकता है।

लेकिन अगर किसी मरीज को अस्पताल में दाख़िल होने की जरूरत हो तो उसके लिए भी सरकार की पूरी तैयारी है।आपके अच्छी सेहत और खुशहाली के लिए मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं। अब भले ही केजरीवाल इस संदेश से दिल्ली की जनता को सहानुभूति देना चाहते हो, लेकिन इसके पीछे की कहानी तो कुछ और ही नजर आती है।

दिल्ली में तेजी से बढ़ रहे हैं कोरोना के मामले :-

स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार दिल्ली में लगातार कोरोना के मामलों में रफ्तार देखने को मिल रही है। बता दें कि, गुरुवार 28 मई के बाद अबतक लगातार तीन दिन दिल्ली में कोरोना के 2500 से ज्यादा नए केस दर्ज किये गए हैं।

इसके बाद अब दिल्ली में कोरोना मरीज़ों की संख्या 19000 से अधिक हो गई है, वहीं मौत का आंकड़ा 400 के पार पहुंच चुका है। ये तो रही दिल्ली में कोरोना के आंकड़ों की बात, लेकिन केजरीवाल के ट्वीट पर कई तरह के सवाल उठाए जा रहे हैं, जिस पर एक नजर डालना बेहद ज़रूरी है।

केजरीवाल के संदेश में पीछे का असल कारण :-

केजरीवाल का संदेश पढ़कर सबके दिमाग में यही सवाल आ रहा है कि आखिर उन्होंने ऐसा संदेश क्यों दिया जबकि कोरोना मरीजों को तो अस्पताल में 14 दिन रखा जाना अनिवार्य है। ऐसे में उनका ये बयान जनता को हजम नहीं हो रहा है।

दरअसल, दिल्ली में कोरोना मरीजों का आंकड़ा इतनी तेजी से बढ़ रहा है कि अब अस्पतालों में ज्यादा मरीज़ों को शिफ्ट करने के लिए बेड ही खाली नहीं बचे है, ऐसे में अपनी नाकामियों को जनता से छिपाने के लिए दिल्ली सरकार की तरफ से इस तरह के संदेश का जारी किया गया है। इतना ही नहीं, सवाल तो यह भी उठाए जा रहे है कि जिस स्वास्थ्य व्यवस्था के दम पर केजरीवाल दोबारा मुख्यमंत्री बने वही स्वास्थ्य व्यवस्था इतनी जल्दी इतनी फीकी कैसे पड़ गई?

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