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अरावली से चोरी हो रही क़ीमती रेत, खनन माफ़िया कर रहे ऊँटों का इस्तेमाल

फरीदाबाद में अवैध खनन रुकने का नाम ही नहीं ले रहा। खनन माफ़िया नए नए हथकंडे अपना रहे है। हम बात कर रहे है फ़रीदाबाद में स्थित भारद्वाज झील की। इस लेक के आस-पास की बात करें तो खनन माफ़ियाओं ने इस क्षेत्र में अपना क़ब्ज़ा जमाया हुआ है।

हम बात कर रहे है खनन माफ़ियाओं के तरीक़े की तो वह आज कल ऊँटों का इस्तेमाल कर रहे हैं। अब आप कहेंगे कि ऊँट ही क्यूं कोई ट्रक या कोई अन्य साधन क्यों नहीं, तो हम आपको बता दें कि पहले ये लोग ट्रक का इस्तेमाल करते थे। परंतु रेत अधिक होने के कारण उस जगह टायरों के निशान छप जाते थे।

इसलिए खनन माफ़ियाओं ने एक नया तरीक़ा निकाला जिससे कि वह पकड़े भी ना जा सकें और काम भी आसानी से हो जाए। दरअसल इन दिनों ख़नन माफ़िया चोरी करने के नए-नए तरीक़े अज़मा रहे हैं। इन दिनों ये ख़बर बहुत चर्चा में है। कुछ लोगों की टीम ने ऊंटों के साथ खनन माफ़ियाओ को रेत चोरी करते हुए देखा और उनके फ़ोटो भी लिए गए।

ये उन जंगलों में छिपते-छिपाते पेड़ों का सहारा लेकर रेत की चोरी करते हैं और उन्हें अच्छे दामों पर बाहर बेच देते हैं। पहले भी काफ़ी बार यह मामला उठ चुका है परंतु प्रशासन इसकी तरफ़ ध्यान नहीं देता। अरावली में पहले से ही कुछ लोग अवैध और ग़ैर क़ानूनी तरीक़े से खनन में लगे हुए हैं। और प्रशासन को इसकी ख़बर होने के बावजूद भी कोई संज्ञान नहीं लेता।

ताज़ा मामला भारद्वाज लेक का बताया जा रहा है जहाँ पर ऊँटों के द्वारा रेत की तस्करी की जा रही है। इन झील का सौंदर्यीकरण करने की बजाए प्रशासन इसको डुबाने में लगा हुआ है जिसका जीता जागता उदाहरण भारद्वाज लेक है। आपको बता दे कि हरियाणा सरकार ने माइनिंग को वैध करने को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका डाली हुई है। जिसका फ़ैसला 29 अप्रैल को आना है। अगर यह फ़ैसला सरकार के पक्ष में आता है तो अरावली का स्वरूप कुछ ही दिनों में बद से बदतर हो जाएगा।

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