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प्लाज्मा के लिए अभी ओर करना पड़ेगा इंतजार, क्योंकि पॉजिटिव मरीज अभी नहीं दे सकते हैं प्लाज्मा जानिए क्यों

जैसे कि जिले में दिन-प्रतिदिन पॉजिटिव मरीजों की संख्या में इजाफा देखने को मिल रहा है। वहीं दूसरी ओर प्लाज्मा के लिए भी समाजसेवियों के पास सैकड़ों की संख्या में फोन आ रहे हैं। लेकिन उन समाजसेवियों के पास भी अभी प्लाज्मा डोनेट करने के लिए कोई डोनर मौजूद नहीं है।

इसका मुख्य कारण यह है कि पॉजिटिव केस की संख्या में जो इजाफा हुआ है उसको अभी करीब 10 ही दिन हुए हैं। उससे पहले अगर आंकड़ों की बात करें तो पॉजिटिव मरीजों की संख्या में काफी कमी देखने को मिली थी। जिसकी वजह से किसी मरीज को प्लाज्मा में डोनेट करने की आवश्यकता नहीं पड़ रही थी।

लेकिन अगर हम बात करें अप्रैल महीने की तो अप्रैल की शुरुआत में ही पॉजिटिव मरीजों की संख्या में काफी इजाफा देखने को मिला है। जिसकी वजह से अब उनके पास प्लाज्मा में डॉलर के लिए लगातार फोन आ रहे हैं। समाजसेवी विमल खंडेलवाल ने बताया कि अगर हम पिछले 3 महीनों की बात करें तो पॉजिटिव मरीजों की संख्या में काफी कमी देखने को मिली थी।

जिसकी वजह से उनके पास किसी प्रकार की कोई भी लिस्ट मौजूद नहीं थी। जिससे कि वह मरीजों को प्लाज्मा डोनेट करने के लिए कहते हैं। उन्होंने बताया कि पिछले 7 दिनों से उनके पास सैकड़ों की संख्या में हर रोज प्लाज्मा के लिए फोन आ रहे हैं। लेकिन अभी कोई भी पॉजिटिव मरीज प्लाज्मा का डोनेट नहीं कर सकता है।

क्योंकि इसका मुख्य कारण यह है कि जब भी कोई पॉजिटिव मरीज होता है। उसको 14 दिन तो ठीक होने के लिए लगते हैं और 14 दिन उसकी एंटीबॉडी बनने के लिए लगते हैं। इसीलिए करीब 28 दिन के बाद ही वह प्लाज्मा को डोनेट कर सकता है ।अगर कोई मरीज 1 अप्रैल को पॉजिटिव पाया गया है तो वह 28 अप्रैल या फिर 29 अप्रैल से पहले प्लाज्मा डोनेट नहीं कर सकता है।

डोनेट करने से पहले हर मरीज कि एंटीबॉडी लेवल को चेक किया जाता है और उसके बाद ही उसको प्लाज्मा डोनेट करने के लिए प्रेरित किया जाता है। अभी कोई भी पॉजिटिव मरीज प्लाज्मा को डोनेट नहीं कर सकता है। क्योंकि प्लाज्मा डोनेट करने के लिए उनकी बॉडी में एंटीबॉडी बनना बहुत आवश्यक है और एंटीबॉडी बनने में करीब करीब 1 महीने का समय लगता है।

प्लाज्मा डोनेट से नहीं आती है कोई कमजोरी

विमल खंडेलवाल ने बताया कि मरीजों मैं यह भ्रम रहता है कि अगर वह प्लाज्मा को डोनेट करेंगे तो उनके शरीर में दोबारा से कमजोरी आ जाएगी और वह दोबारा से महामारी की चपेट में आ जाएंगे।

लेकिन ऐसा नहीं होता हैं। क्योंकि अगर कोई भी व्यक्ति प्लाज्मा डोनेट करने के लिए ब्लड को देता है। तो उसका प्लाज्मा उस ब्लड से निकाल कर वापस ब्लड को चढ़ा दिया जाता है। जिससे उसके शरीर  में किसी प्रकार की कोई कमजोरी नहीं आती है।

910 मरीज आए पॉजिटिव

विभाग से मिले आंकड़ों के अनुसार शुक्रवार को जिले में 910 पॉजिटिव मरीज पाए गए हैं। वहीं अगर हम ठीक हुए मरीज की संख्या की बात करें तो जिले के 373 मरीज ठीक होकर अपने घर गए हैं। वही वैक्सीन को लेकर भी स्वास्थ्य विभाग काफी तवज्जो दे रहा है। शुक्रवार को करीब 5700 लोगों को वैक्सीन की डोज लगाई गई है।

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