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महामारी की चपेट में आने वाले मरीज़ों के लिए फ़ूड होम डिलीवरी साबित हो रहा वरदान, अब घर बैठे ऐसे मंगवाए हेल्दी फ़ूड

इस महामारी के दौरान जहां हर किसी के दिल दिमाग में एक बात बैठ गई है कि 2 गज दूरी मास्क है जरूरी। लोग बाहर जाने से भी कतरा रहे हैं और अगर कोई इस महामारी का शिकार हो जाए तो उसके पास भी नहीं जाते। हर व्यक्ति को ऐसा लगता है कि उसको कोई छुआछूत की बीमारी हो चुकी है।

इसलिए महामारी की चपेट में आने वाले व्यक्ति से हम कोसों दूर भागने लगते हैं। लेकिन जिले में एक ऐसी महिला मौजूद है जो उन महामारी की चपेट में आने वाले मरीजों से दूर जाने की वजह उनको पोस्टिक आहार देकर उनके जल्द ठीक होने की कामना करती है। जी हां मैं बात कर रही हूं सेक्टर 14 की रहने वाली विनय चक्रवर्ती से पहचान फरीदाबाद की समानता हेमलता रावत ने उनसे की खास बातचीत।

सेक्टर 14 की रहने वाली वीरा चक्रवर्ती वैसे तो कई सारी सोशल वर्क करती है। लेकिन उनके द्वारा महामारी के दौरान जो सेवाभाव दिखाई जा रहे हैं। उसके बारे में कोई सोच भी नहीं सकता है। विनय चक्रवर्ती के द्वारा जरूरतमंद जैसे जो लोग महामारी की चपेट में आ चुके है और होम कोरांटाइन हैं। उन्हें शुद्ध भोजन देने की सेवा को शुरू किया है।

वह खुद शुद्ध खाना अपने हाथों से बनती है और होम आइसोलेशन वाले लोगों तक पहुंचाने का जिम्मा भी खुदी ने उठाया हुआ है। इनका भोजन शुद्धि हाथों से पैकिंग किया जाता है व उनके घरों तक पहुंचया जाता है। उन्होंने बताया कि उनको इस महामारी के दौर में किसी ना किसी रूप में सेवा करनी थी। तो उन्होंने यह एक तरीका से चुना।

क्योंकि होम आइसोलेशन में जो भी मरीज रहते हैं उनकी इम्यूनिटी पावर या फिर कमजोरी आने की वजह से वह अपने लिए खुद खाना नहीं बना सकते हैं। इसी वजह से वह जल्दी ठीक नहीं हो पाते हैं और कई बार उनकी मृत्यु हो जाती है। उनको शुद्ध और साफ और पौष्टिक आहार देने की मुहिम को ध्यान में रखते हुए उन्होंने यह सिस्टम शुरू किया है।

उनके द्वारा यह टिफन सिस्टम सेक्टर 14, 15 , 16, 17 और सेक्टर 16 ए में शुरू की गई है। उन्होंने बताया कि जैसे कि दिन-प्रतिदिन मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। तो होमसोलशन के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है।

इसी वजह से अगर एक घर में 5 व्यक्ति होम आइसोलेशन में है और उसमें से कोई भी व्यक्ति खाना बनाने की हालत में नहीं है। तो पूरा परिवार भूखा रहता है क्योंकि वह बाहर से भी खाने का आर्डर नहीं कर सकते हैं। इसीलिए वह आधे से ज्यादा समय भूखे रहते हैं।

उनकी उसी भूख को मिटाने के लिए उनके द्वारा यह टिफन सिस्टम को शुरू किया गया है। उन्होंने बताया कि दोपहर और रात का खाना होम आइसोलेशन वाले मरीजों को मुहिया कराई जाती है। अगर किसी मरीज को दोपहर का खाना चाहिए तुम्हें 10:00 बजे से पहले उनको फोन करके या मैसेज के जरिए अवगत करा सकता है। अगर किसी को शाम का खाना चाहिए दोपहर 3:00 बजे तक सूचित कर सकता है।

होटल की थाली की तरह मिलता है खाना

उन्होंने बताया कि जैसे अगर हम होटल में जाते हैं तो एक थाली मिलती है। जिसमें दो सब्जी एक स्वीट डिश, सलाद और रोटी होती है। उनके द्वारा भी यही चीज मरीजों को दी जा रही है। दो सब्जी, रोटी, सलाद और एक कोई भी स्वीट डिश बनाकर एक पैकेट में पैक कर कर उनके घर तक पहुंचाई जाती है ।

उन्होंने बताया कि वह सब्जी सरसों के तेल या देसी घी में ही बनाती है। जब भी वह बाजार से सब्जी को आती है तो वह सबसे पहले सब्जियों को नमक और सोडा के जरिए 2 से 3 घंटे पानी में धोकर धूप छांव में सुख आती है। और उसके बाद ही वह सब्जी अपने घर के अंदर लाती है।

इसके अलावा खाना बनाते वक्त वह हाथों में ग्लव्स, सिर पर टोपी और मुँह पर मस्क का प्रयोग करती है। उन्होंने बताया कि जब वह मरीज के घर खाना देने के लिए जाती है। मरीज से पहले ही बता दिया जाता है कि वह अपने घर के बाहर एक बॉक्स को रख दे और वह उस बॉक्स के अंदर और मरीजों का खाना रख कर आ जाती है। सभी खाना डिस्पोजल में पैक किया जाता है।

फ्री है यह सेवा

वीना चक्रवर्ती ने बताया कि उनके द्वारा जो टिफिन सिस्टम होम आइसोलेशन वाले मरीजों को दिया जा रहा है वह फ्री ऑफ कॉस्ट है। लोगों के द्वारा उनको कहा जाता है कि वह उनसे जो भी चार्ज करना चाहती है वह ले सकती है। लेकिन वीना का यह मानना है कि सेवा निस्वार्थ भाव से करनी चाहिए। अगर उसमें स्वार्थ आ जाएगा तो वह सेवा नहीं बिजनेस बन जाता है और रही बात को होम आइसोलेशन वाले मरीजों की तो वह उनसे यही कहती है कि जब वह ठीक हो जाए तो बस उनको दुआ दे कि वह इस तरह के कार्य और आगे तक करते रहे।

इस नंबर पर कर सकते है संपर्क

वीना ने बताया कि सेक्टर 16 ए, 16, 17, 15, 14 के जितने भी होम आइसोलेशन वाले मरीज है। वह उनको मोबाइल नंबर 9871884004 पर संपर्क करके अपना टिफिन सिस्टम शुरू करवा सकते हैं। यह सिस्टम फ्री ऑफ कॉस्ट है बस उनको अपने घर का एड्रेस और घर के बाहर एक बॉक्स रखना होगा। जिसमें वह खाना रख कर आ सके।

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