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दिल्ली के सीएम की एमसीडी और मेयर के साथ बैठक, अस्पतालों की सुविधाओं पर हुई चर्चा

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने तीनों एमसीडी के कमिश्नर और मेयर के साथ बैठक कर कहा कि महामारी के खिलाफ लड़ाई में हम सभी को मिलकर काम करना चाहिए। उन्होंने तीनों एमसीडी से अधिक से अधिक बेड उपलब्ध कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि एमसीडी को जिन चीजों की जरूरत होगी, हम मुहैया कराने को तैयार हैं। अगर एमसीडी ज्यादा से ज्यादा अपने मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर और मैन पाॅवर देती है, तो दिल्ली सरकार जनता की सेवा में इसका सही इस्तेमाल कर सकती है।

केंद्र सरकार, दिल्ली सरकार और एमसीडी मिल कर काम करेंगे, तभी हम दिल्ली को संभाल पाएंगे। सीएम ने कहा कि पहली लहर में भी केंद्र सरकार, दिल्ली सरकार और एमसीडी ने मिल कर सफलता पूर्वक दिल्ली को संभाला था। आगे भी हम सभी को दिल्ली और देश के लोगों के लिए कंधे से कंधा मिला कर काम करना होगा। सीएम ने कहा कि अगर केंद्र से अनुमति मिलती है, तो हम दिल्ली में बड़े स्तर पर डोर टू डोर वैक्सीनेशन शुरू करेंगे।

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली में महामारी के हालात पर दिल्ली सचिवालय में तीनों दिल्ली नगर निगमों के कमिश्नर और मेयर के साथ बैठक की थी और महामारी के खिलाफ लड़ाई में साथ मिलाकर काम करने की अपील की। इस बैठक में दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और स्वस्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन भी मौजूद रहे। सीएम अरविंद केजरीवाल ने एमसीडी के कमिश्नर और मेयर के साथ दिल्ली में कोविद की मौजूदा स्थिति का डेटा साझा करते हुए कहा कि इस समय दिल्ली में बहुत तेजी के साथ कोविद का फैलाव हो रहा है।

बीते मार्च के मध्य तक दिल्ली में 100 से 150 केस प्रतिदिन आ रहे थे, लेकिन आज 24 घंटे में 24 हजार केस आए हैं। इतनी बड़ी संख्या में केस आने पर कोई भी स्वास्थ्य सिस्टम कब तक टिका रह सकता है। देश के लिए कोरोना की यह दूसरी लहर हो सकती है, लेकिन दिल्ली के लिए यह चौथी लहर है। दिल्ली में पहली लहर जून में आई थी, दूसरी लहर सितंबर में आई थी, तीसरी लहर नवंबर में आई थी और अब चौथी लहर आई है।

सीएम ने कहा कि जब पहली लहर आई थी, उस वक्त भी मैने कहा था कि यह इतनी बड़ी आपदा है कि कोई भी सरकार, कोई भी पार्टी या कोई भी संस्थान यह सोचे कि हम इससे अकेले पार पा लेंगे, तो अकेले पार नहीं पाया जा सकता है। इससे पार पाने के लिए सबको मिल कर काम करना होगा। पहली लहर में भी केंद्र सरकार, दिल्ली सरकार और एमसीडी ने मिल कर बहुत ही अच्छा काम किया था और बहुत ही सफलता पूर्वक हम सभी ने मिल कर दिल्ली को संभाला था। आज भी हमें केंद्र सरकार से पूरा सहयोग मिल रहा है, हमें जो भी जरूरत होती है।

आप सभी के साथ आज यह बैठक औचपारिक बैठक है, लेकिन एमसीडी के अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क बना हुआ है। मैं समझता हूं कि तीनों सरकारें मिल कर अच्छे से जो काम कर रही हैं, इसी तरह से काम करेंगी, तभी हम दिल्ली को संभाल पाएंगे। तीनों सरकारों का मकसद एक ही है कि दिल्ली में महामारी को काबू किया जाए। केंद्र सरकार भी चाहती है कि कोविद पर नियंत्रण किया जाए और लोगों की जान बचे। दिल्ली सरकार भी यही चाहती है कि लोगों की जान बचे और एमसीडी भी चाहती है कि लोगों की महामारी से जान बचे।

सीएम अरविंद केजरीवाल ने आगे कहा कि आप सभी समझ सकते हैं कि अस्पतालों में बेड तो सीमित ही हैं। इसलिए अब बेड की भी कमी पड़ेगी। इस वक्त हमारे सामने जो स्थिति है, उसमें सबसे बड़ी समस्या बेड की है। साथ ही सभी संसाधनों की भी कमी हो जाएगी। यह मुश्किल का दौर है। कब तक केस बढ़ेंगेे, पता नहीं है। अगर केस दो-चार दिनों में कम होने लग जाएंगे, तो अपनी स्थिति नियंत्रण में आ जाएगी। लेकिन अगर केस ज्यादा दिनों तक बढ़ते रहे और हमारे स्वास्थ्य सिस्टम में बेड की कमी पड़ गई, ऑक्सीजन की कमी पड़ गई, तो बहुत की कठिन परिस्थिति बन जाएगी।

मुख्यमंत्री ने एमसीडी के तीनों मेयर का धन्यवाद करते हुए कहा कि आपने जिस तरह से प्रस्ताव दिया है कि जो भी चाहिए, हम करने को तैयार हैं। मैं बधाई देना चाहता हूं कि आप लोगों ने बड़ी जिम्मेदारी के साथ स्थिति को संभाला है। किसी मीडिया या कहीं कोई ऐसी बात सामने नहीं आई कि दिल्ली के अंदर लोगों को बहुत ज्यादा दिक्कत हो रही है। आने वाले समय में भी अपेक्षा है कि आप लोग इसी तरह से संभाले रहिए, जैसा कि अभी तक संभाला है।

सीएम ने कहा कि अभी जो एमसीडी से हमें सबसे ज्यादा जरूरत पडेगी, वह आपके अस्पतालों की है। जैसा कि आपने हिंदुराव अस्पताल को 400 बेड का करने की बात कही है। हमें इस वक्त आईसीयू बेड नहीं चाहिए, बल्कि ऑक्सीजन बेड चाहिए। अगर आपके पास बेड भी उपलब्ध है, तो मैने अपने अधिकारियों को कहा है कि जो-जो आप कहेंगे, उन सभी सुविधाओं की व्यवस्था अधिकारी कर देंगे। अगर ऑक्सीजन सिलेंडर की कमी है, तो हम ऑक्सीजन सिलेंडर देंगे। पीपीई किट की कमी है, तो हम आपको पीपीई किट देंगे।

ऑक्सीजन सिलेंडर, पीपीई किट और ऑक्सीमीटर समेत जिन चीजों की कमी है, उन सभी कमियों को हम पूरा करेंगे। लेकिन इस समय जितने ज्यादा से ज्यादा ऑक्सीजन बेड हम दिल्ली में और तैयार कर सकते हैं, उतना हमें तैयार करना है। मेरी आप सभी से निवेदन है कि इसके अलावा भी आप सभी लोग जितने ज्यादा बेड दे पाएं, अवश्य दें। इससे हमें बहुत सहूलियत मिलेगी। इसके लिए आप सभी लोगों को जो भी मदद की जरूरत होगी, हम वह मदद करने के लिए तैयार हैं।

सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि एमसीडी के पास अपना बहुत बड़ा मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर और मैन पाॅवर है। वह मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर और मैन पाॅवर को आप जितना ज्यादा दे सकें, अच्छा रहेगा। क्योंकि इस समय हम भी बहुत बड़े स्तर पर बेड तैयार कर रहे हैं। हम यमुना स्पोर्ट्स काॅम्प्लेक्स में बड़े स्तर पर बेड बढ़ा रहे हैं। काॅमनबेल्थ गेम विलेज में हम खूब बेड लगा रहे हैं।

बेड लगाना तो आसान है, लेकिन वहां पर डाॅक्टर भी चाहिए, नर्सेज भी चाहिए और सारा सपोर्ट स्टाफ भी चाहिए। इसलिए आप लोग इनकी एक सूची बना लें। मुझे उम्मीद है कि यह केवल 15 से 20 दिनों की बात है। इसके बाद महामारी के केस जो उपर जा रहे हैं, उसे नीचे तो आना ही है। इसलिए इन 15 से 20 दिनों के लिए तीनों एमसीडी जितना ज्यादा से ज्यादा मेडिकल स्टाॅफ दे सकते हैं, वो अगर आप दे देंगे, तो हम लोग उनका सही इस्तेमाल कर पाएंगे।

सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि हमने केंद्र सरकार से निवेदन किया है कि हमें दिल्ली के अंदर डोर टू डोर टीकाकरण करने दिया जाए। मुझे पूरी उम्मीद है कि केंद्र सरकार इसकी अनुमति देगी। केंद्र सरकार जैसे ही इसकी अनुमति देती है, हम दिल्ली में डोर टू डोर टीकाकरण करेंगे। सीएम ने कहा कि आप लोगों के लिए मैं हमेशा उपलब्ध हूं। अगर कभी भी आप लोगों को कोई भी जरूरत हो, आप मुझे कभी भी फोन कर सकते हैं, मुझसे संपर्क कर सकते हैं। यह एक ऐसी आपदा है जिसमें दिल्ली के लोगों के लिए और अपने देश के लिए हम सभी को कंधे से कंधा मिला कर काम करना है।

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