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लॉकडाउन का सताने लगा है डर, अभी तो आर्थिक तौर पर संभले भी नही थे

माहमारी का दूसरा चरण पूर्णरूप से बेलगाम हो गया हैं इसकी भयावह स्थिति को देखते लग रहा है कि भारत एक बार फिर लॉकडाउन की ओर बढ़ रहा है। हालांकि, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने साफ कर दिया है कि फिलहाल ऐसी स्थिति नहीं दिख रही है। देश में जल्दबाजी में लॉकडाउन नहीं लगाया जाएगा

लॉकडाउन यह एक ऐसा शब्द है जिससे हर कोई परिचित है इस शब्द में ना पूरे देश को हिला कर रखा बल्कि देश की अर्थव्यवस्था को भी डगमगा गया था करीब 1 वर्ष में जिधर देखो उधर सुनी सड़कें बंद दुकाने पूरे शहर में सन्नाटा दिखाई दे रहा था बीते वर्ष सभी लोगों को इस शब्द में खासा परेशान किया था ।

लॉकडाउन के कारण जहां लोग घरों के अंदर कैद थे वही उनके काम धंधे भी चौपट हो गए थे. कुछ ऐसे व्यवसाय थे जिन को वापस पटरी पर आने के लिए बहुत वक्त लगा अभी तक लोग आर्थिक रूप से खुद को सशक्त भी नहीं कर पाए थे कि एक बार फिर से लोगों को लॉकडाउन का डर सताने लगा है ।

जिस तरह से दिल्ली में 2 दिन का ही सही साप्ताहिक लॉक डाउन लगा है उस डर की कुछ घुटन यंहा भी नजर आ रही है लोगो को इस बात का डर है कि जैसे तैसे वापस अपनी जीवन की पटरी को लाइन पर लाया गया था अब एक बार फिर पुराना समय ना लौट कर आये।

सेक्टर 65 स्थित मैक फिटनेस जिम चालक रोहित का कहना है कि यदि इस बार लॉक डाउन लगा तो फिर से जिम बंद हो जाएंगे इसके दो नुकसान है पहला यह कि जिम और व्यवसायों के मुकाबले बहुत देरी से खुले थे .

जिसके कारण आर्थिक तौर पर अभी संभले भी नही थे कि फिर से लॉकडॉउन लगने का डर सताने लग रहा है लेकिन यह भी कहा जा सकता है यदि जिम बंद होंगे तो लोग वर्कआउट नही कर पाएंगे. वर्कआउट करने से रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ा देती है जो इस भयानक माहमारी से लड़ने की ताकत देती हैक

अभिषेक कुमार दिल्ली के रहने वाले का कहना है कि अगर लॉकडाउन पूर्ण रूप से लग जाता है तो भुखमरी फैल जाएगी खाने को कुछ होगा नहीं रोज कमाते हैं रोज खाते हैं .परंतु लॉक डाउन की स्थिति में बच्चे भूखे मर जाएंगे दिल्ली में 2 दिन के लोग डाउन की बात करें तो उसमें ही हालत खराब है अगर तरह से लॉक डाउन लग जाता है तो हम भूखे मर जाएंगे।

फरीदाबाद निवासी कमल कांत का कहना है कि अगर अब लॉक डाउन लग जाता है तो मुझे अपने गांव का रुख करना पड़ेगा क्योंकि यहां रहेंगे तो ना कुछ कमा पाएंगे और ना कुछ खा पाएंगे गांव में तो उधार ही राशन मिल जाता है।

बदरपुर निवासी बंटी जोकि व्यवसाय मोची है का कहना है की अगर लॉक डाउन लग जाता है तो कुछ ना कुछ काम तो हमें करना ही पड़ेगा क्योंकि बच्चों की सारी जिम्मेदारी मुझ पर है सरकार के भरोसे हम नहीं रह सकते कुछ तो ऐसा करना होगा जिससे मेरे परिवार का पेट भर सके।

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