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सोशल मीडिया का सहारा लेकर ढूंढा जा रहा है प्लाज्मा डोनर

पॉजिटिव मरीजों की संख्या बढ़ते ही जिले में प्लाज्मा को लेकर भी डिमांड बढ़ गई है।लेकिन जिले में अभी प्लाज्मा डोनेट करने वाले व्यक्ति मौजूद नहीं है। जिसकी वजह से पॉजिटिव मरीजों को ठीक होने में काफी समय लग रहा है। प्लाज्मा डोनर के लिए हर रोज सोशल मीडिया के जरिए मांग की जा रही है।

लेकिन किसी का यह जवाब नहीं आता है कि वह डोनेट कर सकता है। जिसकी वजह से मरीज को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। समाजसेवी विमल खंडेलवाल ने बताया कि एक पॉजिटिव मरीज को ठीक होने में कम से कम 14 दिन लगते हैं। उसके बाद वह प्लाज्मा डोनेट करने के लिए अगले 14 दिन तक वेट करना होता है। 

लगभग 28 दिन के बाद ही पॉजिटिव मरीज प्लाज्मा डोनेट करने लायक हो सकता है। लेकिन अगर हम आंकड़ों की बात करें तो पिछले कुछ महीनों से पॉजिटिव मरीजों की संख्या में कमी देखने को मिली थी। लेकिन पिछले 10 दिनों से मरीजों की संख्या में काफी इजाफा हो रहा है। जिसकी वजह से मरीजों को प्लाज्मा डोनेट की आवश्यकता पड़ रही है।

उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया के जरिए उनके पास हर रोज सैकड़ों की संख्या में फ़ोन आते हैं। कि कोई अगर है प्लाज्मा डोनर है तो उनको उपलब्ध करा दिया जाए। लेकिन उनके पास एक ही जवाब होता है कि अभी उनके पास कोई भी प्लाज्मा डोनर मौजूद नहीं है।

इसके अलावा लोग व्हाट्सएप ग्रुप में पेशेंट का नाम और जगह व  ब्लड ग्रुप डालकर प्लाज्मा के डोनर की मांग करते हैं। लेकिन कोई भी उस मैसेज पर रिप्लाई नहीं करता है क्योंकि जिले में अभी डोनर मौजूद नहीं है ।

प्लाज्मा से बढ़ती है इम्यूनिटी

अगर कोई मरीज काफी कमजोर है और उसको प्लाज्मा डोनेट कर दिया जाता है। तो उसकी इम्युनिटी पावर बढ़ जाती है। जिससे वह महामारी से जल्द ठीक हो जाता है। लेकिन कई बार मरीज को प्लाज्मा नहीं मिल पाता है।

जिसकी वजह से उसको ठीक होने में काफी समय लगता है और कई बार उस मरीज की मृत्यु भी हो जाती है। इसलिए कहा जाता है कि जैसे वैक्सीन महामारी से बचाने का एकमात्र सहारा है। वैसे ही प्लाज्मा में भी कुछ हद तक मरीज़ को ठीक करने मे कार्य करता है।

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