HomeCrimeदवाइयों की कालाबाजारी को रोकना पड़ा मंहगा, सरकारी अधिकारी पर हुआ हमला

दवाइयों की कालाबाजारी को रोकना पड़ा मंहगा, सरकारी अधिकारी पर हुआ हमला

Published on

महामारी के इलाज के लिए प्रयोग में लाई जाने वाली दवाओं की कालाबाजारी रोकने पहुंचे सरकारी अधिकारियों के साथ दवा विक्रेता ने न केवल मारपिटाई की बल्कि वह सबंधित दवा को लेकर भी भाग गए।

इस घटना में क्षेत्र के वरिष्ठ औषधी नियंत्रक अधिकारी को चोटों के साथ-साथ उनका मोबाईल व चैन भी गायब बताई जा रह है। खाद्य एवं औषधी प्रशासन के अधिकारियों ने इस घटना की लिखित सूचना सेक्टर 21 डी पुलिस चौकी में दी है।

दवाइयों की कालाबाजारी को रोकना पड़ा मंहगा, सरकारी अधिकारी पर हुआ हमला


इस बिषय में अधिक जानकारी देते हुए क्षेत्र के वरिष्ठ औषधी नियंत्रक अधिकारी करण सिंह गोदारा ने बताया कि जैसे महामारी संक्रमित के मामले बढ़ रहे हैं। उनके साथ ही इस प्रकार की शिकायतें भी मिल रहीं है कि कुछ लोग जिन में दवा विक्रेता भी शामिल हैं महामारी के इलाज में प्रयोग की जाने वाली दवाओं की कालाबाजारी भी कर रहे हैं।

इस प्रकार की एक शिकायत उनको मिली कि कोरोना के इलाज में प्रयोग की जाने वाली दवा फ्लूगार्ड की सेक्टर 21 ए स्थिति मैडीकल स्टोर ट्रााई केयर कालाबाजारी कर रहा है।

दवाइयों की कालाबाजारी को रोकना पड़ा मंहगा, सरकारी अधिकारी पर हुआ हमला


गोदारा के अनुसार क्योंके की इस संदर्भ में सरकार के सख्त आदेश हैं कि इस प्रकार के दवा विक्रेताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।  इस कारण वह सबंधित औषधी निरीक्षक पूजा चौधरी के साथ उक्त मैडीकल स्टोर पर पहुंचे और जांच में उक्त मैडीकल स्टोर से उनको फ्लूगार्ड की सत्तर से अधिक गोलियों मिली तो उन्होंने सरकार के निर्देशानुसार कानूनी कार्रवाई शुरु करते हुए दवाओं का विवरण बनाना शुरु कर दिया।

दवाइयों की कालाबाजारी को रोकना पड़ा मंहगा, सरकारी अधिकारी पर हुआ हमला

लेकिन कार्रवाई होता देख दुकान मालिक एक साथ गुस्सा हो गया और उसने वह कागज फाड दिए जिन पर उनकी टीम कानूनी कार्रवाई के लिए लिखा पढत कर रहे थे। साथ ही उन्होंने उनको धक्का देते हुए कहा कि वह यहां पर कोइ कार्रवाई नहीं होने देगें आप को जो करना है कर लो।

गोदारा ने उनको बताया कि वह सरकार के निर्देश पर इस प्रकार की कार्रवाई कर रहे हैं जो कि कानूनी जरुरी है, लेकिन इतना सुनना था कि वहां पर उपस्थित दोनो भाई उन पर पिल पडे तथा उनके साथ मारपिटाई करने लगे, देखते देखते वहां पर अन्य लोग एकत्रित हो गए जो मैडीकल स्टोर संचालक को रोकने के स्थान पर उल्टा सरकारी टीम से ही भला बुरा कहने लग।

दवाइयों की कालाबाजारी को रोकना पड़ा मंहगा, सरकारी अधिकारी पर हुआ हमला

गोदारा ने बताया कि जब उन पर हमला बंद हुआ तो उन्होंने देखा की मैडीकल स्टोर संचालक फ्लृगार्ड दवा के पैकट को लेकर वहां से भाग गया है और उनकी चैन व मोबाईल भी गायब है।

वरिष्ठ औषधी नियंत्रक अधिकारी करण सिंह गोदारा ने बताया कि उन्होंने इसकी जानकारी तुरंत पुलिस को दी तथा शेष बची फ्लूगार्ड की गोलियां की कब्जे में ले ली, जिसके बाद पुलिस को इस पूरे मामले की लिखित शिकायत भी दे दी।


दूसरी तरफ सरकारी अधिकारियों वह भी उन अधिकारियों के खिलाफ जो कि लोगों के लिए इस महामारी मे दवाओं की व्यवस्था कराने में लगे हैं इस तरह की कार्रवाई को लेकर हर वर्ग में रोष है।

Latest articles

भगवान आस्था है, मां पूजा है, मां वंदनीय हैं, मां आत्मीय है: कशीना

भगवान आस्था है, मां पूजा है, मां वंदनीय हैं, मां आत्मीय है, इसका संबंध...

भाजपा के जुमले इस चुनाव में नहीं चल रहे हैं: NIT विधानसभा-86 के विधायक नीरज शर्मा

एनआईटी विधानसभा-86 के विधायक नीरज शर्मा ने बताया कि फरीदाबाद लोकसभा सीट से पूर्व...

मैं किसी बेटी का अपमान बर्दाश्त नहीं कर सकती – रेणु भाटिया (हरियाणा महिला आयोग की Chairperson)

मैं किसी बेटी का अपमान बर्दाश्त नहीं कर सकती। इसके लिए मैं कुछ भी...

More like this

भगवान आस्था है, मां पूजा है, मां वंदनीय हैं, मां आत्मीय है: कशीना

भगवान आस्था है, मां पूजा है, मां वंदनीय हैं, मां आत्मीय है, इसका संबंध...

भाजपा के जुमले इस चुनाव में नहीं चल रहे हैं: NIT विधानसभा-86 के विधायक नीरज शर्मा

एनआईटी विधानसभा-86 के विधायक नीरज शर्मा ने बताया कि फरीदाबाद लोकसभा सीट से पूर्व...