Pehchan Faridabad
Know Your City

अब नहीं वसूला जाएगा मनमाना चालान, प्रशासन ने जारी किया यह निर्देश

हरियाणा के मुख्य सूचना आयुक्त माननीय यशपाल सिंघल जी ने एक बार पुनः सूचना का अधिकार अधिनियम को मजबूत करते हुए अपने ऐतिहासिक फैसले में पुलिस आयुक्त फरीदाबाद को ज़िले में पुलिस की कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाने के निर्देश दिए हैं।

राज्य सूचना आयोग के आदेश अनुसार फरीदाबाद जिले में पुलिस द्वारा किये जा रहे बिना मास्क के सभी चालान संबंधित जानकारी एवं डाटा को विभाग की वेबसाइट पर आमजन की जानकारी हेतु अपलोड किया जाए।फरीदाबाद पुलिस द्वारा माननीय उपयुक्त फरीदाबाद के आदेश उपरांत वैश्विक महामारी कोरोना से निपटने व रोक लगाने हेतु चालान किये जा रहे हैं।

इस संबंध में फरीदाबाद की आम जनता से पुलिस द्वारा गलत व मनमाने तरीके से बिना मास्क के चालान किये जाने एवं अनाधिकृत पुलिस कर्मियों जैसे ए एस आई से नीचे के कर्मचारियों या होमगार्ड द्वारा चालान काटने के मामले भी बढ़ रहे हैं।

इस विषय में अखिल भारतीय सूचना अधिकार कार्यकर्ता महासंघ के महासचिव अजय बहल द्वारा 14.08.2020 को पुलिस आयुक्त कार्यालय में RTI आवेदन लगाकर इन सभी चालान संबंधी नियम कानून तथा जुर्ममा राशि की वैधता संबंधी जानकारी माँगी थी।

सही व संतोषजनक जानकारी उपलब्ध न करवाये जाने पर मामला राज्य सूचना आयोग हरियाणा के पास 29.11.2020 को दायर हुई जिसकी सुनवाई माननीय मुख्य सूचना आयुक्त महोदय द्वारा दिनांक 25.02.2021 को की गई एवं निर्णय आरक्षित रक्खा गया।

अब याचिकाकर्ता को इस आदेश की प्रति प्राप्त हो गई है, जिसके अनुसार, फरीदाबाद पुलिस को निर्देश दिए गए हैं कि सभी बिना चेहरे पर मास्क लगाए जाने संबंधी चालान की जानकारी को पुलिस विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर डाला जाएगा।

अजय बहल के अनुसार हम सभी को इस वैश्विक महामारी कोरोना से निपटने व रोक लगाने संबंधी नियमों व कानून का पालन करना चाहिए पर साथ ही पुलिस का गलत तरीके व लोगों की दुकान के अंदर जाकर व ज़ोर ज़बरदस्ती एवं अवैध रूप से चालान किया जाना गलत है तथा इस प्रक्रिया में पारदर्शिता होनी चाहिए।

जानकारी ऑनलाइन होने से नियमों का उलंघन करने वालों की सूचना एक जगह एकत्रित रहेगी व चालान के सही गलत होने व एकत्रित धनराशि के सही रूप से स्वास्थ्य विभाग के सरकारी खजाने में जमा होने का भी पता रहेगा।

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More