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हरियाणा में नहीं है आक्सीजन की कमी, 40 मीट्रिंग टन कोटा बढ़ाया : मनोहर लाल

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि महामारी की दूसरी लहर के आने से अस्पतालों पर दबाव बढ़ा है, लेकिन व्यवस्थाएं की जा रही है। खासकर आक्सीजन को लेकर कठिनाईयां आ रही है, जिसका हल सरकार ने निकाला है और दो स्पेशल लीक्वड गैस के अस्पताल 500-500 बैड के हिसार व पानीपत में बनाए जाएंगे, आज उनका शिलान्यास किया गया है। डीआरडीयू की सहायता से यह कार्य किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि फरीदाबाद में भी मेडिकल कालेज में बैड की संख्या बढाई गई है, हम तुरंत 100 बैड आक्सीजन के तैयार कर रहे है, जहां आर्मी डाक्टर का स्टाफ आ रहा है, जो इसे बनाने में जुटेगा। मुख्यमंत्री मनोहर लाल सोमवार को गांव छांयसा स्थित अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल कालेज का निरीक्षण करने पहुंचे। उन्होंने बताया कि मेडिकल कॉलेज में 2 दिन के अंदर 100 बिस्तर का अस्पताल तैयार होगा,

जिसे भारतीय सेना के चिकित्सकों की टीम अस्पताल का संचालन करेगी। अस्पतालों में दवाईयों की कमी खासकर रेमेडिसिवर की किल्लत पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि सरकारी अस्पतालों में इस इंजेक्शन की कमी नहीं है, प्राईवेट सेक्टर में किल्लत है, उनका कोटा अलग से होता है और इसकी ब्लैक मार्किट में हो रही है, लेकिन सरकार ने इसको लेकर कड़े कदम उठाएं है आने वाले समय में इसकी कोई परेशानी नहीं होगी।

उन्होंने कहा कि हरियाणा में आक्सीजन का पूरा कोटा है, पहले जहां 160 मीट्रिक टन आक्सीजन मिलता था, अब 200 मीट्रिक टन कर दिया गया है और 40 मीट्रिक टन अलग से मांग रखी है, जिसे जरूरत पडऩे पर जमशेदपुर अथवा उड़ीसा के स्टील प्लांट से मंगवाया जाएगा। कोरोना को लेकर मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि इस बीमारी से कब तक निपटा जाएगा, इस पर वैज्ञानिक भी अभी तक संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए है,

किसी ने हीं सोचा था कि महामारी का दूसरा स्ट्रेन इतना भयावह होगा, जो सबको हिलाकर रख देगा, फिर भी सरकार इसे कंट्रोल करने का पूरा प्रयास कर रही है। लोगों को जागरूक कर रही है, मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग की कडाई से पालना करें और वर्क फ्रॉम होम अपनाए और जितना भी हो अपनी मूवमेंट कम करें, जरूरत होने पर ही घर से बाहर निकले। उन्होंने कहा कि दूसरे प्रदेशों में लॉकडाऊन लगाया है, लेकिन सरकार लॉकडाऊन का दबाव लोगों पर नहीं डालना चाहती बल्कि सख्ती बरतकर इस पर अकुंश लगाने का कार्य किया जा रहा है।

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