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अमेरिका ने स्पेस में भेजे अंतरिक्ष यात्री, अफवाह फैली कि अमेरिका कर रहा पृथ्वी से पलायन…

वर्तमान में पूरी दुनिया पर कोरोना बुरी तरह से कहर बरपा रहा है और लाखों लोगों की जान अब तक इस घातक वायरस के कारण जा चुकी है। यदि बात करें पूरे विश्व में इस वायरस से सबसे अधिक प्रभावित देश की तो अमेरिका इस सूची में सबसे पहले स्थान पर आता है।

अमेरिका में कोरोना के मामले अन्य प्रभावित देशों के मुकाबले काफी तेजी से बढ़ रहे हैं और अभी तक सबसे अधिक जान भी इस वायरस के चलते अमेरिका के लोगों की ही गई है। कुल मिलाकर कहे तो कोरोना वायरस अमेरिका के लिए सबसे घातक साबित हो रहा है।

लेकिन इन सबके बीच भी अमेरिका अपनी तरक्की की रफ्तार को कम नहीं होने देना चाहता और इसी बीच अमेरिका ने 9 साल बाद स्पेस में अंतरिक्ष यात्री भेज कर एक बार फिर इतिहास रच दिया है। अमेरिका की अंतरिक्ष एजेंसी नासा एवं अन्य निजी कंपनी स्पेस एक्स के जरिए 31 मई को 2 अंतरिक्षयात्री रॉबर्ट बेहेनकेन और डगलस हर्ले को अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन भेजा गया है।

स्पेस मिशन की सफल लॉन्चिंग के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा घोषणा की गई कि स्पेसएक्स ड्रैगन कैप्सूल सफलतापूर्वक पृथ्वी की कक्षा में पहुंच चुका है और हमारे अंतरिक्ष यात्री स्वस्थ एवं सुरक्षित है और यह मिशन अमेरिका महत्वकांक्षा के एक नए युग की शुरुआत साबित होगा।

इस पूरे अभियान को अमेरिकी उद्योगपति एलन मस्क की स्पेस कंपनी स्पेस एक्स द्वारा नासा के साथ मिलकर अंजाम दिया गया है। इस मिशन को लेकर उद्योगपति एलन मस्क का कहना है कि वे मंगल ग्रह पर इंसानी बस्ती बसाना चाहते हैं और उसके लिए पहले इंसानों का मंगल पर जाना जरूरी है।

इस अभियान के जरिए वे मंगल तक तो नहीं पहुंचेंगे लेकिन इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर भेजे गए अंतरिक्ष यात्री 110 दिन तक वहां पर रहकर अंतरिक्ष में अपने रिसर्च पर कार्य करेंगे और वापस आकर अपनी रिपोर्ट एजेंसी को देंगे।

जिससे आने वाले समय में दूसरे ग्रहों पर इंसानी बस्ती को बसाने में काफी सहायता मिल सकती है साथ ही इस मिशन के जरिए हमें अंतरिक्ष के कई अन्य नए और अद्भुत रहस्य जानने को मिलेंगे जो अब तक दुनिया की नजरों से परे हैं।

बता दें कि इस मिशन को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह की अफवाहें भी तेजी से फैल रही है कुछ लोगों द्वारा सोशल मीडिया पर कहा जा रहा है कि अमेरिका यह जान चुका है कि कोरोनावायरस की वैक्सीन नहीं बनाई जा सकती और यह वायरस असल में कितना खतरनाक है। इसलिए अमेरिका ने दूसरे ग्रह पर जीवन की खोज शुरू कर दी है जिसके लिए इस मिशन को अंजाम दिया गया।

इसके अतिरिक्त भी इस मिशन को प्रिजिवियो अर्थात एलियन से जोड़ा जा रहा है और इससे जुड़ी कई अफवाह इस मिशन को लेकर सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही है और बगैर किसी तथ्य के फैलाई जा रही इन अफवाहों को सोशल मीडिया पर काफी रफ्तार भी मिल रही है।

लेकिन 9 साल बाद अमेरिका द्वारा अंतरिक्ष जगत में हासिल की गई यह कामयाबी मानव सभ्यता के लिए काफी कारगर साबित हो सकती है। जिससे भविष्य में कई प्रकार के लाभ मानव सभ्यता को मिल सकते हैं। इसलिए यह मिशन जितना अमेरिका के लिए जरूरी है उतना ही मानव सभ्यता को भी इससे लाभ मिलेगा।

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