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हरियाणा में परेशानी का आलम: जीते जी ऑक्सीजन और मरने के बाद नसीब नही हो रही शमशान में लकड़ी

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फ़रीदाबाद : कहा जाता है कि जब विपदा आती है तो व्यक्ति को चारों ओर से घेरती है लेकिन इस बार विपदा एक व्यक्ति या एक परिवार पर नही पूरे विश्व पर आई है हर तरफ लोगो की चीख पुकार से पूरा हरियाणा भी त्राहीमाम मचा रहा है.

हमारी किस दिन से लहर है जिंदगी और कोई कर सकता कर दिया है अब लोग अपना फरीदाबाद में खो रहे हैं बात करे इस दिनों की तो रोज प्रदेश में 150 से ज्यादा लोग अपनी जान गंवा रहे है । जहाँ लोग अपनो से दूर हो रहे इसके अलावा लोगो एक और परेशानी से दो चार होना पड़ रहा है

हरियाणा में परेशानी का आलम: जीते जी ऑक्सीजन और मरने के बाद नसीब नही हो रही शमशान में लकड़ी

अचानक से हो मरने वालो की संख्या में बढ़ोतरी होने से श्मशान घाटों में शवों को जलाने के लिए लकड़ी का संकट गहरा हुआ है । पर्याप्त लकड़ी भी लोगों को या नहीं हो पाएगी है वन विभाग से सहयोग की अपील की गई है साथ ही लकड़ी के संकट को दूर करने के लिए वन विभाग ने भी सहयोग का कदम उठाया है वन मंत्री कंवरपाल गुर्जर ने कहा कि सभी नगर निगमों ,परिषदों व पालिकाओ से लकड़ी की जरूरतों पूरा करने की मांग की गई है

हरियाणा में परेशानी का आलम: जीते जी ऑक्सीजन और मरने के बाद नसीब नही हो रही शमशान में लकड़ी

श्मशान घाट में अभी भी शवों को जलाने के लिए लकड़ी का उपयोग किया जाता है प्रदेश में महामारी से पिछले 1 महीने के दौरान करीब 26 लोगों की मौत हुई है इस महीने में इतनी तादाद में मरने वालों की आंवले बड़े हैं कि संस्कार करने की व्यवस्था पूरी तरह से डगमगा गई है कई जगहों पर लकड़ियों की किल्लत का भी सामना करना पड़ रहा है ।

यदि फरीदाबाद की बात की जाए तो श्मशान घाट में अंत्योष्टि करने के लिए लकड़ी हो होने की वजह से परेशान होना पड़ रहा हैं या कई जगहों पर राशि निर्धारित की गई है लेकिन लोग इस आपदा के समय में भी ज्यादा पैसे वसूलने से नहीं कतरा रहे हैं।

हरियाणा में परेशानी का आलम: जीते जी ऑक्सीजन और मरने के बाद नसीब नही हो रही शमशान में लकड़ी

अब अंतिम संस्कार के लिए लफ्जों की आपूर्ति करने को वन विभाग की ओर से प्रदेश के सभी बालिकाओं के अंतर्गत आने वाले श्मशान घाट में लकड़ी आपूर्ति की डिमांड की गई है 13995 क्वांटिल लकड़ी की डिमांड है वन मंत्री कपल कंवरपाल गुर्जर ने कहा कि प्रदेश में हो रही मौत चिंताजनक है ।

हरियाणा में परेशानी का आलम: जीते जी ऑक्सीजन और मरने के बाद नसीब नही हो रही शमशान में लकड़ी

कई जगहों पर लकड़ी की किल्लत के मामले सामने आए हैं वन विभाग की ओर से अंतिम संस्कार की मैया कराई जाएगी घर के पास अभी बालन की लकड़ी पर्याप्त मात्रा में है कुछ स्थानों पर सरकार के लिए इलेक्ट्रॉनिक में संचालित मशीनें भी लगाई गई है लेकिन लोगों की धारणा में सुधार के लिए बनी हुई है इस धारणा को देखते हुए विभाग की ओर से प्रदेश में प्रत्येक जगह लकड़ी लेकर आने की पूरी कोशिश की जा रही है

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