HomeLife StyleHealthखत्म होगी ऑक्सीजन सिलेंडर के लिए किल्लत, यह देशी उपाय देगा राहत

खत्म होगी ऑक्सीजन सिलेंडर के लिए किल्लत, यह देशी उपाय देगा राहत

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जब पिछले वर्ष लॉकडाउन लगाया गया था तो लोगों को सेविंग कितनी जरूरी है इस अहमियत का पता लग गया था। ऐसे ही अब जब हालात बेकाबू होते जा रहे हैं और ऑक्सीजन की कमी के कारण लोगों की सांसे रुक रही है, तो लोग अब ऑक्सीजन और पेड़-पौधों का मतलब समझ रहे हैं।

लोगों को समझ में आने लगा है कि प्रकृति के साथ और उसके दिए हुए उपहारों का मनुष्य ने जिस तरह से नाश किया है आज उसी का अंजाम है कि ऑक्सीजन सिलेंडर के लिए लोग दर-दर भटकने को मजबूर हो गए हैं।

खत्म होगी ऑक्सीजन सिलेंडर के लिए किल्लत, यह देशी उपाय देगा राहत

यही कारण है कि आप लोग सचेत होते हुए अपने घरों में ऑक्सीजन की कमी को पूरा करने के लिए पेड़ पौधे लगाकर प्राकृतिक तरीके अपना रहे हैं, जिसमें उन्हें मात्र 2 हजार रुपए खर्च कर पूरे परिवार के लिए शुद्ध और भरपूर ऑक्सीजन की प्राप्ति हो रही हैं।

खत्म होगी ऑक्सीजन सिलेंडर के लिए किल्लत, यह देशी उपाय देगा राहत

दरअसल, नासा द्वारा कई ऐसे पौधे घरों में लगाने के लिए सिफारिश की है, जिनसे भरपूर मात्रा में ऑक्सीजन मिलती है। पौधों के द्वारा घर में मौजूद हानिकारक गैसों के प्रभाव को भी खत्म किया जा सकता है। भले ही देश के अनेक हिस्सों में लॉकडाउन या कर्फ्यू लगा है, अर्थव्यवस्था पर भी कुछ हद तक प्रभाव पड़ा है, लेकिन ‘नर्सरी’ का कारोबार पिछले डेढ़ माह में 50 फीसदी तक बढ़ चुका है।

खत्म होगी ऑक्सीजन सिलेंडर के लिए किल्लत, यह देशी उपाय देगा राहत

इंडियन नर्सरीमेन्स एसोसिएशन के अध्यक्ष वाईपी सिंह कहते हैं, ये मान कर चलें कि किसी नर्सरी पर एक दिन में ढाई सौ ग्राहक आ रहे हैं तो उनमें से 150 नए ग्राहक हैं, यानी जो पहली बार नर्सरी आए हैं। हर ग्राहक का फोकस ‘ऑक्सीजन’ देने वाले पौधों पर रहता है। एसोसिएशन अब इस दिशा में काम कर रही है कि होम आइसोलेशन या अस्पतालों में भर्ती लोगों को ऑक्सीजन देने वाला एक प्लांट भेंट किया जाए।

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कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि दो हजार रुपये में चार लोगों का परिवार, जिसमें दो बच्चे हैं और दो व्यस्क हैं, उनके लिए ऑक्सीजन प्लांट्स मिल जाते हैं। घर में मौजूद बैंजीन, फॉर्मलडिहाइड, ट्राई क्लोरो एथिलीन, अमोनिया, जाइलीन, टोल्यून, एसीटोन और दूसरे अनेक हानिकारक तत्वों को इन पौधों के जरिए खत्म किया जा सकता है। ये पौधे हवा में मौजूद हानिकारक तत्वों को सोख लेते हैं और ताजा प्राणवायु छोड़ते हैं।

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