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संक्रमण काल में दंपतियों का एक दूसरे साथ बना जंजाल, 150 घरेलू विवाद में 25 की हुई ऑनलाइन सुलह

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कहते हैं हद से ज्यादा कुछ भी अच्छा नहीं होता। चाहे वह प्यार हो नफरत या लड़ाई या हद से ज्यादा ख़ाली वक्त बिताना। पिछले लगातार 1 साल से संक्रमण गृह कलह की सबसे बड़ी वजह के रूप में उपजा है। हर घर में किसी ना किसी बात को लेकर लड़ाई होना तो सामान्य है। वो कहते हैं ना घर में अगर चार बर्तन होते तो खटकते है,

लेकिन संक्रमण काल इन बर्तनों की गूंज घर से निकल कर घरेलू विवाद के रूप में राज्य महिला आयोग के पास पहुंच रहे हैं। वहीं 5 महीनों में अभी तक 150 से ज्यादा शिकायतें राज्य महिला आयोग के पास पहुंची है

संक्रमण काल में दंपतियों का एक दूसरे साथ बना जंजाल, 150 घरेलू विवाद में 25 की हुई ऑनलाइन सुलह

जिनमें से ऑनलाइन 25 का सुलह करवाने में आयोग कामयाब हुई है।

छोटी-छोटी बातों ने किस तरह लिए विवाद का रूप

हिसार की महिला ने बताया कि दाे साल पहले उसकी शादी पानीपत के युवक से हुई थी। काेराेना काल में पति भी घर पर रहते हैं। वह मोबाइल में गेम खेलने लगती है ताे पति काे पसंद नहीं आता है। एक माह से लगातार झगड़ा कर रहे हैं, जिससे वह परेशान है।

फतेहाबाद की महिला ने शिकायत करते हुए बताया कि उसने पति से टीवी का रिमोट ले लिया था। इसी बात काे लेकर वह झगड़ा करने लगे। एक सप्ताह से लगातार झगड़ा किया जा रहा है। उन्होंने राज्य महिला आयोग से इस मामले को निपटाने की गुहार लगाई है।

संक्रमण काल में दंपतियों का एक दूसरे साथ बना जंजाल, 150 घरेलू विवाद में 25 की हुई ऑनलाइन सुलह

साेनीपत की महिला ने आयोग से शिकायत करते हुए बताया कि उसके पति अध्यापक हैं। लाॅकडाउन के दाैरान उसका टीवी देखना पति काे पसंद नहीं है, जिसके कारण उसके साथ झगड़ा करते हैं। कई बार मारपीट भी का जा चुकी है। पति को समझाने के लिए गुहार लगाई है।

राेहतक की एक महिला ने अपने पति के खिलाफ शिकायत दी है। आरोप लगाया कि जब से लाॅकडाउन लगा है, तब से उसका और उसके पति के बीच विवाद बढ़ गया है। पति मनपसंद खाना नहीं बनाने की बात कहते हैं। दाेनाें की शादी 3 साल पहले ही हुई थी।

महिला आयोग की चेयरपर्सन प्रीति भारद्वाज बताती है कि जिस तरह पिछले साल लॉकडाउन के समय में घरेलू उत्पीड़न की शिकायतें लगातार सामने आई थी। वैसे इस समय तो ऐसी शिकायतें बहुत कम है, लेकिन फिर भी वह अपने आयोग टीम के साथ मिलकर ऑनलाइन समाधान करवाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रही है।

प्रीति ने बताया कि कुछ दंपतियों के बीच सुलह भी करवाई जा चुकी हैं, लेकिन ऐसे में दंपतियों को समझना चाहिए और उन्हें ऐसी छोटी-छोटी बातों का समाधान खुद ही निकालना चाहिए। प्रीति कहती हैं कि जिस तरह संक्रमण बढ़ रहा है, ऐसे में दंपतियों को लड़ने झगड़ने की जगह परिवार को साथ देना चाहिए ।यह समय झगड़ने का नहीं बल्कि एक दूसरे को समझने का है।

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