Homeपांच बार हुए फेल, तो सफर खत्म करने का फैसला किया, लेकिन...

पांच बार हुए फेल, तो सफर खत्म करने का फैसला किया, लेकिन परिवार के सपोर्ट से ऐसे बने आईएएस

Array

Published on

फेल जब कोई होता है तब मनोबल टूटने लगता है। लेकिन अगर परिवार का साथ होता है तो सबकुछ हासिल कर लिया जाता है। यूपीएससी का सफर अनिश्चितता से भरा हुआ होता है। यहां कई बार लोगों को जल्द सफलता मिल जाती है, तो कुछ लोगों को सालों तक परीक्षा पास करने के लिए संघर्ष करना पड़ता है।

इंसान को सफलता के लिए कड़ी मेहनत के साथ सबकुछ हासिल करने की राह पर निकलना पड़ता है। यूपीएससी की परीक्षा पास करने वाले तमाम कैंडिडेट्स की कहानी काफी प्रेरणादायक होती है। यूपीएससी सिविल सर्विस 2019 की परीक्षा पास कर आईएएस अफसर बनने वाले सौरभ पांडे की कहानी भी ऐसी है। सौरभ को यह सफलता अपने आखिरी यानी छठवें प्रयास में मिली।

पांच बार हुए फेल, तो सफर खत्म करने का फैसला किया, लेकिन परिवार के सपोर्ट से ऐसे बने आईएएस

आपको एकाग्रता के साथ लक्ष्य तक पहुंचना होता है। सफल होने से पहले लगातार पांच बार उन्हें यूपीएससी में असफलता का सामना करना पड़ा। एक बार तो उन्होंने यह सफर खत्म करने का फैसला किया, लेकिन परिवार और दोस्तों के सपोर्ट की वजह से उन्होंने परीक्षा दी और सफलता मिल गई। सौरभ पांडे मूल रूप से उत्तर प्रदेश के वाराणसी के रहने वाले हैं।

पांच बार हुए फेल, तो सफर खत्म करने का फैसला किया, लेकिन परिवार के सपोर्ट से ऐसे बने आईएएस

एकाग्रता से ही विजय मिलती है। हमें इस बात को समझना होगा। सौरभ ने इंटरमीडिएट के बाद ग्रेजुएशन की, जिसके बाद उन्हें एक अच्छी नौकरी मिल गई। कई साल तक नौकरी करने के बाद उन्होंने यूपीएससी की तैयारी करने का फैसला किया। उनका यह सफर साल 2013 में शुरू हुआ। उन्हें इस सफर में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा, लेकिन हार नहीं मानी और अपना लक्ष्य हासिल करके ही रुके।

पांच बार हुए फेल, तो सफर खत्म करने का फैसला किया, लेकिन परिवार के सपोर्ट से ऐसे बने आईएएस

यदि आप सफलता चाहते हैं तो इसे अपना लक्ष्य ना बनाइये, सिर्फ वो करिए जो करना आपको अच्छा लगता है जब हम ऐसा करते हैं तो सबकुछ हासिल हो जाता है। सौरभ इसी को चरितार्थ करते हैं।

Latest articles

श्री राम नाम से चली सरकार भूले तुलसी का विचार और जनता को मिला केवल अंधकार (#_बजट): भारत अशोक अरोड़ा

खट्टर सरकार ने आज राज्य के लिए आम बजट पेश किया इस दौरान सीएम...

अरूणाभा वेलफेयर सोसायटी , फरीदाबाद द्वारा आयोजित हुआ दो दिवसीय बसंतोत्सव

अरूणाभा वेलफेयर सोसायटी , फरीदाबाद द्वारा आयोजित दो दिवसीय बसंतोत्सव के शुभ अवसर पर...

आखिर क्यों बना Haryana के टीचर का फॉर्म हाउस पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय, यहां पढ़ें पूरी ख़बर

आज के समय में फॉर्म हाउस बनाना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन हरियाणा...

Faridabad का ये किसान थोड़ी सी समझदारी से आज कमा रहा लाखों, यहां जानें कैसे

आज के समय में देश के युवा शिक्षा, स्वास्थ आदि क्षेत्रों के साथ साथ...

More like this

श्री राम नाम से चली सरकार भूले तुलसी का विचार और जनता को मिला केवल अंधकार (#_बजट): भारत अशोक अरोड़ा

खट्टर सरकार ने आज राज्य के लिए आम बजट पेश किया इस दौरान सीएम...

अरूणाभा वेलफेयर सोसायटी , फरीदाबाद द्वारा आयोजित हुआ दो दिवसीय बसंतोत्सव

अरूणाभा वेलफेयर सोसायटी , फरीदाबाद द्वारा आयोजित दो दिवसीय बसंतोत्सव के शुभ अवसर पर...

आखिर क्यों बना Haryana के टीचर का फॉर्म हाउस पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय, यहां पढ़ें पूरी ख़बर

आज के समय में फॉर्म हाउस बनाना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन हरियाणा...