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पौधे को लगाते वक्त तो हर कोई सेल्फी भेजता है, लेकिन उसका पालन-पोषण कोई नहीं करता

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जब व्यक्ति एक पेड़ लगाता है तो हम अपने पर्यावरण को एक नया जीवन और हरा-भरा पर्यावरण देते हैं। लोग पोधा तो लगा देते हैं, लेकिन उसकी केयर नहीं रख पाते है। ऐसे ही कुछ पेड़ है जो प्रशासन द्वारा लगाए गए, लेकिन अब वह सूखकर झड़ रहे हैं।

सेक्टर 12 रोड जो हाईवे और बीपीटीपी को जोड़ती है। उस रोड पर प्रशासन द्वारा पाम ट्री के पेड़ लगाए गए थे। कहा जाता है कि पाम ट्री बहुत ज्यादा महंगा आता है और यह एक जंगली पौधा है। यह विदेश से पाम आते है।

पौधे को लगाते वक्त तो हर कोई सेल्फी भेजता है, लेकिन उसका पालन-पोषण कोई नहीं करता

तभी प्रशासन द्वारा यह सारे पौधे 12 सेक्टर वाली रोड पर लगाए गए। उनके द्वारा यह पौधे तो लगा दिए, लेकिन अब वह पौधे झड़ कर व सूखकर नीचे गिर रहे है। कोई भी व्यक्ति अब उन पेड़ों के लिए आगे आकर उनकी देखभाल नहीं कर रहा।

जबकि वह पेड़ इतने महंगे आते हैं और हमारे पर्यावरण को इतना सुंदर बनाते हैं। उसके बावजूद भी हम उनकी केयर नहीं कर रहे।

पौधे को लगाते वक्त तो हर कोई सेल्फी भेजता है, लेकिन उसका पालन-पोषण कोई नहीं करता

वहीं पेड़ जिनकी आज हम देखभाल नहीं कर रहे, वहीं पर हमें ऑक्सीजन व छांव देते हैं। जब हम एक पेड़ लगाते हैं तो हमारा यह भी अधिकार होता है कि हम उस पेड़ को अपने बच्चे की तरह पाले।

उन पौधों को समय समय पर खाद, पानी, कटाई व अन्य जरूरी चीजें देनी होती है। जिससे कि उनकी देख रेख अच्छे से की जा सके। जहां वह पेड़ हमारी दुनिया को सजा रहा है। वही हम उस को नुकसान पहुंचा रहे हैं।

पौधे को लगाते वक्त तो हर कोई सेल्फी भेजता है, लेकिन उसका पालन-पोषण कोई नहीं करता

महामारी की दूसरी लहर ने हमें यह तो जरूर बता दिया है कि पेड़ पौधे हमारी जिंदगी के लिए कितनी आवश्यक है। क्योंकि इस दूसरी लहर में मरीजों व  उनके तीमारदारों को ऑक्सीजन के लिए गली दर गली व कंपनी दर कंपनी कई घंटों तक भटकना पड़ा और उसके बाद ही उनको ऑक्सीजन मिली।

पौधे को लगाते वक्त तो हर कोई सेल्फी भेजता है, लेकिन उसका पालन-पोषण कोई नहीं करता

इसलिए जब भी पेड़ लगाएं तो यह ध्यान में रखें कि उसकी देखभाल अपने बच्चे की तरह करनी है। समय-समय पर उस पर पानी डालना है, समय पर उसकी कटाई करनी है और उसकी खाद भी डालना चाहिए है। तभी हमारा पर्यावरण हरा भरा और स्वस्थ होगा।

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