HomeUncategorizedप्रतिबंध के बाद भी चोरी छुपे बिक रही चाइनीज डोर, कहीं इंसान...

प्रतिबंध के बाद भी चोरी छुपे बिक रही चाइनीज डोर, कहीं इंसान तो कहीं परिंदे उलझ कर तोड़ रहें दम

Published on

प्रतिबंध के बावजूद पतंगबाजी में चाइनीज प्लास्टिक डोर का इस्तेमाल अब तक बंद नहीं हुआ है। यह चाइनीज डोर मनुष्य समेत परिंदों के लिए खतरनाक साबित हो रही है। आए दिन चाइनीज डोर की वजह से हादसे हो रहे हैं। कहीं इंसान चाइनीज मांझे की चपेट में आ रहा है तो कहीं इसमें उलझ कर परिंदे अपना दम तोड़ रहे हैं। चाइनीज मांझे की वजह से बढ़ते हादसों पर जीव प्रेमियों ने चिंता जताई है। प्रशासन से सख्ती से इस दिशा में कार्रवाई की मांग उठाई गई है।

बहादुरगढ़ में दो कोयल व एक चील चाइनीज मांझे में आकर बुरी तरह से घायल हो गए। दरअसल, कई इलाकों में तीज, रक्षा बंधन और स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में खूब पतंगबाजी होती है। कई दिन पहले ही पतंगबाजी शुरू हो जाती है। पतंग उड़ाने में इस्तेमाल होने वाले मांझे से पक्षियों को काफी नुकसान पहुंचता है। विशेषकर प्लास्टिक चाइनीज मांझा तो पक्षियों की जान तक ले लेता है।

प्रतिबंध के बाद भी चोरी छुपे बिक रही चाइनीज डोर, कहीं इंसान तो कहीं परिंदे उलझ कर तोड़ रहें दम

प्लास्टिक की डोर में पक्षियों के पंख उलझ जाते हैं और वे इस डोर को काट नहीं पाते। जिस कारण जान चली जाती है। अब फिर से पतंगबाजी शुरू हो गई है। इसी के साथ ही पक्षियों के घायल होने के मामले भी सामने आने लगे हैं। बहादुरगढ़ शहर में दो कोयल व एक चील प्लास्टिक की डोर में आकर बुरी तरह से जख्मी हो गए।

प्रतिबंध के बाद भी चोरी छुपे बिक रही चाइनीज डोर, कहीं इंसान तो कहीं परिंदे उलझ कर तोड़ रहें दम

सीजन में मांझे के कारण काफी पक्षी मौके पर दम तोड़ देते हैं। मांझे की चपेट में आने से लगभग 5 प्रतिशत पक्षियों की ही जान बच पाती है। उनके जीव उपचार केंद्र में एक ही समय में दो कोयल व एक चील का केस आया। इन्हें प्राथमिक उपचार के बाद गुरुग्राम जिले में स्थित वाइल्ड लाइफ सेंटर भेज दिया गया है। तीनों की हालत बेहद खराब थी।

प्रतिबंध के बाद भी चोरी छुपे बिक रही चाइनीज डोर, कहीं इंसान तो कहीं परिंदे उलझ कर तोड़ रहें दम

जीव प्रेमी सुशील व बिजेंद्र ने कहा कि जिस शौक से किसी दूसरे जीव को हानि होती है, उसे छोड़ देना चाहिए। मनोरंजन किसी की जिंदगी से बढ़कर नहीं है। मांझे से उलझकर पक्षियों के पंख कट जाते हैं, जिससे वे उड़ नहीं पाते। कईयों की तो गर्दन और पंजे तक कट जाते हैं। जो घायल पक्षी लोगों के सामने आते हैं, उनका तो ईलाज हो जाता है, बहुत से पक्षी ऐसे भी होंगे जो किसी के सामने न आने के कारण तड़प-तड़प कर मर जाते होंगे। ये मासूम परिंदे प्रकृति की अनमोल देन हैं। हमें इनके संरक्षण के लिए काम करना चाहिए।

इसके अलावा इंसानों को भी बहुत नुकसान हो रहा है। हाल ही में रोहतक में एक युवक की जान चली गई थी। बहादुरगढ़ में भी कई लोग चाइनीज डोर के कारण घायल हो चुके हैं। उधर, वाइल्ड लाइफ इंस्पेक्टर देवेंद्र हुड्डा ने कहा कि हर साल लोगों को पतंगबाजी के प्रति जागरूक किया जाता है। इस बार भी किया जा रहा है। यदि किसी की लापरवाही से पक्षी की जान जाती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी।

Latest articles

भगवान आस्था है, मां पूजा है, मां वंदनीय हैं, मां आत्मीय है: कशीना

भगवान आस्था है, मां पूजा है, मां वंदनीय हैं, मां आत्मीय है, इसका संबंध...

भाजपा के जुमले इस चुनाव में नहीं चल रहे हैं: NIT विधानसभा-86 के विधायक नीरज शर्मा

एनआईटी विधानसभा-86 के विधायक नीरज शर्मा ने बताया कि फरीदाबाद लोकसभा सीट से पूर्व...

मैं किसी बेटी का अपमान बर्दाश्त नहीं कर सकती – रेणु भाटिया (हरियाणा महिला आयोग की Chairperson)

मैं किसी बेटी का अपमान बर्दाश्त नहीं कर सकती। इसके लिए मैं कुछ भी...

More like this

भगवान आस्था है, मां पूजा है, मां वंदनीय हैं, मां आत्मीय है: कशीना

भगवान आस्था है, मां पूजा है, मां वंदनीय हैं, मां आत्मीय है, इसका संबंध...

भाजपा के जुमले इस चुनाव में नहीं चल रहे हैं: NIT विधानसभा-86 के विधायक नीरज शर्मा

एनआईटी विधानसभा-86 के विधायक नीरज शर्मा ने बताया कि फरीदाबाद लोकसभा सीट से पूर्व...