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ICU में थे भर्ती फिर भी नहीं खोयी हिम्मत, जारी रखी UPSC परीक्षा की तैयारी पहली बार में ही मिली सफलता

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कहा जाता है इंसान ICU में अपनी ज़िंदगी और मौत से लड़ रहा होता है। लेकिन इन्होनें ज़िंदगी से लड़ाई तो जीती ही लेकिन पढाई में भी अव्वल रहे। यूपीएससी में सफल कैंडिडेट्स की कहानियां अक्सर आपने सुनी होंगी। सफलता की कहानियां लोगों को जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा देती हैं। साल 2018 में यूपीएससी परीक्षा पास कर आईएएस अफसर बनने वाले नवजीवन पवार ने सफलता की राह में आने वाली हर मुश्किल का डटकर सामना किया।

कई युवा इनसे प्रेरणा ले रहे हैं। इनके संघर्ष की कहानी लाखों लोगों के लिए प्रेरणादायक है। लगन से की गई मेहनत कभी बेकार नहीं जाती। इसका उदाहरण हैं नवजीवन। वह महाराष्ट्र के रहने वाले हैं। उनका यूपीएससी का सफर बहुत लंबा नहीं रहा। पहले ही प्रयास में उन्हें सफलता भी मिल गई लेकिन इस छोटे सफर में उनके सामने कई चुनौतियां आईं।

ICU में थे भर्ती फिर भी नहीं खोयी हिम्मत, जारी रखी UPSC परीक्षा की तैयारी पहली बार में ही मिली सफलता

चुनौतियों से भागना नहीं चाहिए। हमेशा डटकर इससे लड़ते रहना चाहिए। एक बार तो उनकी तबीयत खराब हो गई और उन्हें अस्पताल में भी भर्ती होना पड़ा, लेकिन उन्होंने अपनी तैयारी नहीं रोकी। महाराष्ट्र के गांव में जन्में नवजीवन के पिता किसान थे। बचपन काफी परेशानियों में गुजरा लेकिन नवजीवन पढ़ाई में काफी होशियार थे, इसलिए उनके परिवार वालों ने यूपीएससी की तैयारी के लिए दिल्ली भेजने का फैसला किया।

ICU में थे भर्ती फिर भी नहीं खोयी हिम्मत, जारी रखी UPSC परीक्षा की तैयारी पहली बार में ही मिली सफलता

यूपीएससी परीक्षा पास करने के लिये सभी दम लगाकर मेहनत करते हैं। बिना मेहनत के इसमें कुछ हासिल नहीं होता है। दिल्ली में कोचिंग के दौरान एक दिन उनकी तबीयत खराब हो गई। जब अस्पताल पहुंचे तो पता चला कि उन्हें डेंगू हो गया है। ऐसे में परिवार वालों ने उन्हें अपने पास बुला लिया। यहां नवजीवन को एक अस्पताल में भर्ती करा दिया।

ICU में थे भर्ती फिर भी नहीं खोयी हिम्मत, जारी रखी UPSC परीक्षा की तैयारी पहली बार में ही मिली सफलता

यूपीएससी की परीक्षा जो देता है वह पढाई में काफी अच्छा होता है। उसकी सुबह और रात पढाई पर ही समाप्त होती है। नवजीवन भी काफी अच्छे थे पढाई में और कड़ी मेहनत से उन्होंने यह परीक्षा पास की।

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