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ज़िंदगी के हर मोड़ पर था संघर्ष इसे पार कर बने आईएएस, काफी प्रेरणा देती है इनकी कहानी

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हर किसी के जीवन में संघर्ष का आना लिखा होता है। जो संघर्ष में सकारात्मक रहता है और अपने लक्ष्य से ध्यान नहीं हटाता उसे सफलता मिलती ज़रूर है। यूपीएससी परीक्षा की तैयारी के दौरान कैंडिडेट्स को तमाम चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। लेकिन इस परीक्षा में सफलता उसे ही मिलती है जो धैर्य रखकर पूरी मेहनत के साथ तैयारी करते हैं।

यूपीएससी में सफल कैंडिडेट्स की कहानियां अक्सर आपने सुनी होंगी। सफलता की कहानियां लोगों को जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा देती हैं। आज हम आपको ऐसे कैंडिडेट की कहानी बताने जा रहे हैं, जिन्होंने अपनी जिंदगी में तमाम चुनौतियों का सामना किया लेकिन कभी हार नहीं मानी। उनका नाम है आशुतोष द्विवेदी, यूपी के रायबरेली के रहने वाले आशुतोष को शुरुआत में काफी संघर्षों का सामना करना पड़ा।

ज़िंदगी के हर मोड़ पर था संघर्ष इसे पार कर बने आईएएस, काफी प्रेरणा देती है इनकी कहानी

यूपीएससी परीक्षा पास करने के लिये सभी दम लगाकर मेहनत करते हैं।बिना मेहनत के इसमें कुछ हासिल नहीं होता है। आशुतोष ने चौथी बार में आईएएस परीक्षा पास कर अपने सपने को साकार किया। पहले दो प्रयासों में उनका सिलेक्शन नहीं हो पाया था। जबकि तीसरे प्रयास में उन्हें आईपीएस सेवा मिली। लेकिन उनका सपना आईएएस बनने का था इसलिये उन्होंने परीक्षा की तैयारी जारी रखी। आखिरकार कड़ी मेहनत के बाद सफलता हासिल की।

IAS Topper Ashutosh Dwivedi Shares How to Prepare For The Interview

पीएससी परीक्षा पास करने के लिये सभी दम लगाकर मेहनत करते हैं। यूपीएससी में बेहतर रणनीति बनाकर कड़ी मेहनत करनी होती है। आशुतोष के माता-पिता का बाल विवाह हुआ था। लेकिन उनके पिता ने शादी के बाद भी पढ़ाई जारी रखी। उनके पिता शिक्षा के महत्व को शुरुआत से ही समझते थे। अपने पिताजी का जीवन में किया संघर्ष उनके लिये प्रेरणा बना। आशुतोष घंटों साइकिल चलाकर गांव के स्कूल में जाकर पढ़ाई करते थे।

ज़िंदगी के हर मोड़ पर था संघर्ष इसे पार कर बने आईएएस, काफी प्रेरणा देती है इनकी कहानी

चुनौतियों से भागना नहीं चाहिए। हमेशा डटकर इससे लड़ते रहना चाहिए। उनका माध्यम हमेशा हिंदी रहा, यह बड़ी चुनौती थी। आशुतोष उच्च शिक्षा के लिए कानपुर आ गये। यहां उन्होंने एचबीटीआई से बीटेक किया।

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