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सुंदर पिचाई : कभी एयर टिकट के भी पैसे नहीं होते थे, आज भारत और अपना दोनों का नाम रौशन कर रहे हैं

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सुंदर पिचाई एक ऐसा नाम है जिसे भारत ही नहीं दुनिया में जाना जाता है। हर सफल व्यक्ति के पीछे संघर्ष होता है। सुंदर पिचाई आज भले ही गूगल के सीईओ हों लेकिन एक समय ऐसा भी था जब उनके पास विदेश जाने के लिए एयर टिकट के भी पैसे नहीं थे। सुंदर पिचाई का पूरा नाम सुंदरराजन पिचाई है। 10 जून 1972 को पिचाई का जन्म तमिलनाडु के मदुरै में हुआ था। पिचाई ने IIT खड़गपुर से बीटेक और स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय से MS किया है।

पिचाई को पेन्सिलवेनिया यूनिवर्सिटी में साइबेल स्कॉलर के नाम से जाना जाता था। MS के बाद पिचाई ने अमेरिका की पेन्सिलवेनिया यूनिवर्सिटी से MBA की डिग्री हासिल की है। पिचाई को 2015 में गूगल का मुख्य कार्यकारी अधिकारी बनाया गया था। शुरुआत में पिचाई चेन्नई के अपने 2 कमरे वाले घर में रहते थे।

सुंदर पिचाई : कभी एयर टिकट के भी पैसे नहीं होते थे, आज भारत और अपना दोनों का नाम रौशन कर रहे हैं

सुंदर के जीवन में सुंदरता उनकी मेहनत लेकर आयी है। कई युवा इनके प्रेरणा ले रहे हैं। उनके घर में टीवी, टेलीफोन और कार नहीं था। अपने दम पर पिचाई ने IIT खड़गपुर में दाखिला लिया और अपनी मेहनत के बलबूते ही उन्होंने स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी में एडमिशन के लिए स्कॉलरशिप हासिल कर ली। यहां सबसे गौर करने वाली बात है कि उनके पास एयर टिकट के भी पैसे नहीं थे, ऐसे में उनके पिता को इसके लिए लोन तक लेना पड़ गया था।

सुंदर पिचाई : कभी एयर टिकट के भी पैसे नहीं होते थे, आज भारत और अपना दोनों का नाम रौशन कर रहे हैं

पिचाई ने भारत का नाम भी रौशन किया है। भारत में जन्मी सुंदर एक विश्व-स्तरीय हस्ती हैं। 2004 को सुंदर पिचाई ने गूगल में नौकरी के लिए इंटरव्यू दिया था। इस इंटरव्यू में उनसे जीमेल के बारे में सवाल पूछा गया था। पिचाई के जीवन में एक बार ट्विटर को ज्वाइन करने का भी ऑफर आया था, लेकिन गूगल ने उन्हें मोटा पैसा देकर रोक लिया था।

सुंदर पिचाई : कभी एयर टिकट के भी पैसे नहीं होते थे, आज भारत और अपना दोनों का नाम रौशन कर रहे हैं

भारत के कई युवा सुंदर से प्रेरणा ले रहे हैं। उनकी तरह बनने की कोशिश युवा कर रहे हैं। गूगल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के तौर पर 2018 में पिचाई को वेतन के रूप में करीब 47 करोड़ डॉलर करीब 3,337 करोड़ रुपये मिले थे।

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