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कभी जूतों के नहीं थे पैसे अब टीम इंडिया में मिली जगह, काफी प्रेरणा देती है इस खिलाड़ी की कहानी

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अगर कुछ बड़ा करने का मन हो तो ईश्वर भी उसमें आपकी पूरी सहायता करता है। साल 2021 के पिछले कुछ महीने देश भर में करोड़ों लोगों को परेशान करने वाले रहे। महामारी की दूसरी लहर ने हर चीज पर प्रभाव डाला। खेल जगत भी इससे अछूता नहीं रहा। इसी बीच आईपीएल हुआ और जब तक बायो-बबल में वायरस ने सेंध नहीं लगाई, तब तक कई खिलाड़ियों ने अपना प्रभाव छोड़ने में सफलता हासिल की। ऐसे ही एक खिलाड़ी हैं 23 वर्षीय चेतन सकारिया।

2021 का साल इस खिलाड़ी के लिए बहुत चुनौतीपूर्ण रहा। इसी साल चेतन के पिता की मृत्यु हुई और इसी साल भारतीय टीम में उन्हें जगह भी मिली। चेतन को इस साल काफी दुख मिले हैं आगामी सीरीज के लिए जब श्रीलंका दौरे के लिए टीम इंडिया का ऐलान हुआ तो उसमें उनका नाम शामिल था। शायद उनके लिए यहां से चीजें फिर से पटरी पर आना शुरू हो जाएं।

कभी जूतों के नहीं थे पैसे अब टीम इंडिया में मिली जगह, काफी प्रेरणा देती है इस खिलाड़ी की कहानी

हर किसी के जीवन में संघर्ष का बड़ा महत्व होता है। चेतन सकारिया का जन्म 28 फरवरी 1998 को गुजरात में हुआ था। गुजरात के भावनगर के करीब एक छोटे से गांव से आने वाले चेतन सकारिया को आईपीएल 2021 की नीलामी में जब शामिल किया गया तब उनको कम ही फैंस जानते रहे होंगे। लेकिन 20 लाख रुपये के बेस प्राइस से होते हुए उनकी बोली करोड़ का आंकड़ा पार हुई तो हर जगह चर्चा शुरू हो गई थी।

कभी जूतों के नहीं थे पैसे अब टीम इंडिया में मिली जगह, काफी प्रेरणा देती है इस खिलाड़ी की कहानी

अपनी गेंदबाजी से सभी को चेतन ने प्रभावित किया है। नीलामी में उनको खरीदने के लिए राजस्थान रॉयल्स और रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के बीच कड़ी टक्कर हुई लेकिन रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर ने बाजी मारते हुए 23 वर्षीय गेंदबाज चेतन सकारिया को 1 करोड़ 20 लाख रुपये में अपनी टीम में शामिल कर लिया। राजस्थान रॉयल्स के चेतन की प्लेयर बन गए थे।

कभी जूतों के नहीं थे पैसे अब टीम इंडिया में मिली जगह, काफी प्रेरणा देती है इस खिलाड़ी की कहानी

एक समय था जब उनके पास जूते तक खरीदने के पैसे नहीं थे। उन्होंने खुदपर भरोसा रखा और कड़ी मेहनत करते रहे। चेतन सकारिया ने जब 2018-19 की रणजी ट्रॉफी में अपने प्रथम श्रेणी क्रिकेट करियर का आगाज किया तो पहले ही मैच में सौराष्ट्र के लिए खेलते हुए 5 विकेट लेकर सबका दिल जीत लिया था।

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